राजधानी में आज से जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप का आगाज, भारत की कनाडा से भिड़ंत

लखनऊ| यूपी की राजधानी लखनऊ में स्पोर्ट्स कालेज के ध्यानचंद्र एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में गुरुवार से जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप शुरू होने जा रहा है| यह पहला मौका है जब यूपी में किसी खेल का वर्ल्ड कप आयोजित किया जा रहा है| भारत में जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप का यह दूसरा आयोजन है| इसके पहले यह 2013 में दिल्ली में हुआ था| इस विश्व कप में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रहीं जिन्हें चार ग्रुप में बांटा गया है। भारत को ग्रुप-डी में रखा गया है| इस ग्रुप में उसके साथ कनाडा, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका हैं|




उदघाटन मुकाबले में आज भारत और कनाडा के टीमें आमने सामने होंगी| पहला मैच तय करेगा कि हॉकी के महासमर में भारत का सफर आगे कैसा रहेगा| भारत ने 2001 में पहली बारी जूनियर विश्व कप जीता था लेकिन इसके बाद उसके हिस्से यह सफलता दोबारा नहीं आई| कप्तान हरजीत सिंह की अगुआई वाली जूनियर टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो सीनियर टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं| 2016 एफआईएच राइजिंग स्टार ऑफ द ईयर पुरस्कार के लिए नामांकित हरमनप्रीत सिंह भी टीम में शामिल हैं| वह इस साल रियो ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाली टीम में भी थे|

Junior Hockey World Cup India Face Canada In Campaign Opener :

बेहतरीन स्ट्राइकर माने जाने वाले मंदीप सिंह को भी 18 सदस्यीय दल में शामिल किया गया है| वह एफआईएच चैम्पियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम का हिस्सा थे| वहीं विकास दहिया के रूप में उसके पास बेहतरीन गोलकीपर है| इन खिलाड़ियों की मौजूदगी में टीम मजबूत है और आत्मविश्वास से भरी हुई है| मजबूत टीम और मेजबान होने के नाते भारत को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है| भारत के अलावा मौजूदा चैम्पियन जर्मनी की नजरें खिताबी हैट्रिक पर होंगी| जर्मनी ने 2009 और 2013 में जूनियर विश्व कप पर कब्जा जमाया था|

जर्मन टीम जानती है कि मेजबान टीम इस विश्व कप में सबसे खतरनाक टीमों में से एक है और अगर भारत से उसका सामना हुआ तो विश्व विजेता के लिए जीतना मुश्किल होगा| जर्मनी के कोच वालेंटिन एल्टनबर्ग ने भारत पहुंचने के बाद कहा था, “भारत इस विश्व कप में सबसे पसंदीदा टीम है| मुझे पता है कि वह दो साल से काफी मेहनत कर रहे हैं|” इस विश्व कप में पाकिस्तान हिस्सा नहीं ले रहा है| समय पर तैयार न होने के कारण अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) ने उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया है और उसकी जगह मलेशिया को विश्व कप खेलने का मौका मिला है|



लखनऊ| यूपी की राजधानी लखनऊ में स्पोर्ट्स कालेज के ध्यानचंद्र एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में गुरुवार से जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप शुरू होने जा रहा है| यह पहला मौका है जब यूपी में किसी खेल का वर्ल्ड कप आयोजित किया जा रहा है| भारत में जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप का यह दूसरा आयोजन है| इसके पहले यह 2013 में दिल्ली में हुआ था| इस विश्व कप में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रहीं जिन्हें चार ग्रुप में बांटा गया है। भारत को ग्रुप-डी में रखा गया है| इस ग्रुप में उसके साथ कनाडा, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका हैं| उदघाटन मुकाबले में आज भारत और कनाडा के टीमें आमने सामने होंगी| पहला मैच तय करेगा कि हॉकी के महासमर में भारत का सफर आगे कैसा रहेगा| भारत ने 2001 में पहली बारी जूनियर विश्व कप जीता था लेकिन इसके बाद उसके हिस्से यह सफलता दोबारा नहीं आई| कप्तान हरजीत सिंह की अगुआई वाली जूनियर टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो सीनियर टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं| 2016 एफआईएच राइजिंग स्टार ऑफ द ईयर पुरस्कार के लिए नामांकित हरमनप्रीत सिंह भी टीम में शामिल हैं| वह इस साल रियो ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाली टीम में भी थे|बेहतरीन स्ट्राइकर माने जाने वाले मंदीप सिंह को भी 18 सदस्यीय दल में शामिल किया गया है| वह एफआईएच चैम्पियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम का हिस्सा थे| वहीं विकास दहिया के रूप में उसके पास बेहतरीन गोलकीपर है| इन खिलाड़ियों की मौजूदगी में टीम मजबूत है और आत्मविश्वास से भरी हुई है| मजबूत टीम और मेजबान होने के नाते भारत को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है| भारत के अलावा मौजूदा चैम्पियन जर्मनी की नजरें खिताबी हैट्रिक पर होंगी| जर्मनी ने 2009 और 2013 में जूनियर विश्व कप पर कब्जा जमाया था|जर्मन टीम जानती है कि मेजबान टीम इस विश्व कप में सबसे खतरनाक टीमों में से एक है और अगर भारत से उसका सामना हुआ तो विश्व विजेता के लिए जीतना मुश्किल होगा| जर्मनी के कोच वालेंटिन एल्टनबर्ग ने भारत पहुंचने के बाद कहा था, "भारत इस विश्व कप में सबसे पसंदीदा टीम है| मुझे पता है कि वह दो साल से काफी मेहनत कर रहे हैं|" इस विश्व कप में पाकिस्तान हिस्सा नहीं ले रहा है| समय पर तैयार न होने के कारण अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) ने उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया है और उसकी जगह मलेशिया को विश्व कप खेलने का मौका मिला है|