जस्टिस दीपक मिश्रा बने चीफ जस्टिस आॅफ इंडिया

जस्टिस दीपक मिश्रा बने चीफ जस्टिस आॅफ इंडिया

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपक मिश्रा ने चीफ जस्टिस आॅफ इंडिया (CJI) के रूप में सोमवार को शपथ ग्रहण कर ली है। देश के 45वें चीफ जस्टिस बने दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर 2018 तक इस पद पर रहेंगे। वह सेवानिवृत्त हुए सीजेआई जस्टिस जेएस खेहर की जगह लेंगे।

3 अक्टूबर 1953 को जन्म लेने वाले जस्टिस मिश्रा ने 1977 में ओडिशा हाईकोर्ट में बतौर वकील अपना कैरियर शुरू किया था। 1996 में वह ओडिशा हाईकोर्ट के अपर न्यायाधीश नियुक्त हुए और 1997 में वह मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में स्थानां​तरित हुए। इसके बाद वह 2009 से 2010 तक पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे।

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बतौर जज जस्टिस दीपक मिश्रा ने कई ऐसे फैसले सुनाए हैं जिन्हें ऐतिहासिक माना जाता है। जस्टिस मिश्रा ने ही दिल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज कर 24 घंटे के भीतर उसे आॅनलाइन करने का निर्देश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट में जज बनने के बाद ही जस्टिस मिश्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पदोन्नति में आरक्षण दिए जाने की व्यवस्था को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को कायम रखा था। उन्होंने अपने आदेश में कहा था कि पदोन्नति में आरक्षण तभी दिया जा सकता है जब​ रिकार्ड और आरक्षण के औचित्य को साबित किया जा सके। इसके अलावा जस्टिस मिश्रा ने निर्भयाकांड के चार दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।

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जस्टिस मिश्रा के कई फैसले नजीर माने जाते हैं जो उनकी छवि को एक सख्त और कड़े फैसले लेने वाले न्यायाधीश के रूप में पेश करते हैं।