1. हिन्दी समाचार
  2. खबरें
  3. अयोध्या विवाद: चीफ जस्टिस ने नई संविधान पीठ बनाई, 29 जनवरी से शुरू होगी सुनवाई

अयोध्या विवाद: चीफ जस्टिस ने नई संविधान पीठ बनाई, 29 जनवरी से शुरू होगी सुनवाई

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। अयोध्‍या मामले पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने पांच जजों की नई संविधान पीठ बनाई है। इसमें जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर को जोड़ा गया है। इससे पहले जस्टिस यू यू ललित ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। बेंच अगली सुनवाई 29 जनवरी को करेगी। यह सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के सितंबर 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर होगी।

आपको बता दें कि हाल में तत्कालीन बेंच के एक सदस्य जस्टिस उदय यू ललित के सुनवाई से खुद को अलग करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले की सुनवाई के लिए नई बेंच बनाने का फैसला किया था। दरअसल, एक सवाल उठाए जाने के बाद पीठ के सदस्य जस्टिस ललित ने सुनवाई में आगे भाग लेने के प्रति अनिच्छा व्यक्त की थी।

5 जजों की संवैधानिक बेंच से अलग हो गए थे जस्टिस यूयू ललित

इससे पहले 10 जनवरी को 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने इस मामले पर सुनवाई शुरू की थी। लेकिन, कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन ने पांच जजों की बेंच में जस्टिस यूयू ललित के होने पर सवाल उठाया। इसके बाद जस्टिस ललित खुद ही बेंच से अलग हो गए। पांच जजों की बेंच में जस्टिस यूयू ललित के अलावा, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एनवी रमण और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ शामिल थे।

क्या था इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला?

हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने 30 सितंबर, 2010 को 2:1 के बहुमत वाले फैसले में कहा था कि 2.77 एकड़ जमीन को तीनों पक्षों- सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला में बराबर-बराबर बांट दिया जाए। इस फैसले को किसी भी पक्ष ने नहीं माना और उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। शीर्ष अदालत ने 9 मई 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट में यह केस पिछले आठ साल से लंबित है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...