जयाप्रदा को हाइकोर्ट से झटका, आजम की संसद सदस्यता को चुनौती देने वाली याचिका हुई खारिज

jayaprada azam khan
जयाप्रदा को हाइकोर्ट से झटका, आजम की संसद सदस्यता को चुनौती देने वाली याचिका हुई खारिज

लखनऊ। रामपुर से आजमखान के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से झटका मिला है। दरअसल उन्होने आजम खान की संसद सदस्यता को चुनौती देने वाली जयाप्रदा की याचिका दाखिल की थी, जिसे हाइकोर्ट ने खारिज कर दिया। बता दें कि जयाप्रदा की ओर से पूर्व राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने बतौर वकील बहस की। जहां याचिका का विरोध करते हुए चुनाव आयोग की ओर से याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाए गए।

Jyapadas Petition Challenging Azam Khans Parliament Membership Rejected By Highcourt :

बताया जा रहा है कि जस्टिस राजन राय और न्यायमूर्ति एनके जौहरी की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की बहस सुनी। जिसके बाद उन्होने फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद निर्वाचन को चुनौती निर्वाचन याचिका द्वारा ही दी जा सकती है जबकि वर्तमान याचिका एक रिट याचिका है जिसे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दाखिल करते हुए, अधिकार पृच्छा रिट जारी किये जाने की मांग की गई है।

जज ने आगे कहा कि लिहाजा वर्तमान याचिका पोषणीय नहीं है। इसके साथ ही न्यायालय ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र रामपुर होने के कारण याचिका लखनऊ बेंच में पोषणीय नहीं है। रामपुर का ज्यूरिशडिक्शन इलाहाबाद हाईकोर्ट के तहत आता है।

लखनऊ। रामपुर से आजमखान के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से झटका मिला है। दरअसल उन्होने आजम खान की संसद सदस्यता को चुनौती देने वाली जयाप्रदा की याचिका दाखिल की थी, जिसे हाइकोर्ट ने खारिज कर दिया। बता दें कि जयाप्रदा की ओर से पूर्व राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने बतौर वकील बहस की। जहां याचिका का विरोध करते हुए चुनाव आयोग की ओर से याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाए गए। बताया जा रहा है कि जस्टिस राजन राय और न्यायमूर्ति एनके जौहरी की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की बहस सुनी। जिसके बाद उन्होने फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद निर्वाचन को चुनौती निर्वाचन याचिका द्वारा ही दी जा सकती है जबकि वर्तमान याचिका एक रिट याचिका है जिसे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दाखिल करते हुए, अधिकार पृच्छा रिट जारी किये जाने की मांग की गई है। जज ने आगे कहा कि लिहाजा वर्तमान याचिका पोषणीय नहीं है। इसके साथ ही न्यायालय ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र रामपुर होने के कारण याचिका लखनऊ बेंच में पोषणीय नहीं है। रामपुर का ज्यूरिशडिक्शन इलाहाबाद हाईकोर्ट के तहत आता है।