ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे बोले- पिता पर गर्व, कभी सत्ता का भूखा नहीं रहा परिवार

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ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे बोले- पिता पर गर्व, कभी सत्ता का भूखा नहीं रहा परिवार

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के फैसले के बाद उनके पुत्र महानआर्यमन सिंधिया ने निर्णय का स्वागत करते हुए मंगलवार को कहा कि उनका परिवार कभी भी सत्ता का लालची नहीं रहा है। महानआर्यमन ने कांग्रेस (Congress) से अपने पिता के फैसले का स्वागत करते हुए ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

Jyotiraditya Scindias Son Said Proud Of Father Family Never Hungry For Power :

होली के दिन ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया, इसी के बाद बेटे ने ट्विटर पर अपना संदेश लिखा। महाआर्यमन ने लिखा, ‘अपने लिए स्टैंड लेने के लिए मुझे अपने पिता पर गर्व है। एक विरासत से इस्तीफा देना आसान नहीं होता है। इतिहास इस बात की गवाही देता है कि मेरा परिवार कभी सत्ता का भूखा नहीं रहा है। हम भविष्य में मध्य प्रदेश और भारत को नई ऊंचाईयों पर ले जाएंगे।’  

महानआर्यमन का ट्विटर हैंडल वैरिफाइड नहीं है, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया खुद उन्हें फॉलो करते हैं। सिंधिया के करीबी पंकज चतुर्वेदी ने पीटीआई से ट्विटर हैंडल ग्वालियर के पूर्व शाही परिवार के युवा के होने की पुष्टि की है। चतुर्वेदी ने कहा, ‘महानआर्यमन ने अपनी प्रबंधक की डिग्री अमेरिका के विश्विवद्यालय से पिछले साल पूरी की है। परीक्षा के कारण वह लोकसभा चुनावों में अपने पिता के लिए चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हो सके थे। अब, वह अपने पिता के राजनीतिक कार्यों में सहयोग करते हैं।

इससे पहले मंगलवार सुबह को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ दिल्ली में एक बैठक के बाद कांग्रेस छोड़ दी। इसके बाद सिंधिया खेमे के कांग्रेस विधायकों का इस्तीफा देने का सिलसिला शुरू हो गया और शाम तक कांग्रेस के 22 बागी विधायकों ने इस्तीफे दे दिए। इससे प्रदेश की कांग्रेस सरकार का संकट गहरा गया और कमलनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार गिरने के कगार पर आ गई है।

 

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के फैसले के बाद उनके पुत्र महानआर्यमन सिंधिया ने निर्णय का स्वागत करते हुए मंगलवार को कहा कि उनका परिवार कभी भी सत्ता का लालची नहीं रहा है। महानआर्यमन ने कांग्रेस (Congress) से अपने पिता के फैसले का स्वागत करते हुए ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। होली के दिन ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया, इसी के बाद बेटे ने ट्विटर पर अपना संदेश लिखा। महाआर्यमन ने लिखा, ‘अपने लिए स्टैंड लेने के लिए मुझे अपने पिता पर गर्व है। एक विरासत से इस्तीफा देना आसान नहीं होता है। इतिहास इस बात की गवाही देता है कि मेरा परिवार कभी सत्ता का भूखा नहीं रहा है। हम भविष्य में मध्य प्रदेश और भारत को नई ऊंचाईयों पर ले जाएंगे।’   महानआर्यमन का ट्विटर हैंडल वैरिफाइड नहीं है, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया खुद उन्हें फॉलो करते हैं। सिंधिया के करीबी पंकज चतुर्वेदी ने पीटीआई से ट्विटर हैंडल ग्वालियर के पूर्व शाही परिवार के युवा के होने की पुष्टि की है। चतुर्वेदी ने कहा, 'महानआर्यमन ने अपनी प्रबंधक की डिग्री अमेरिका के विश्विवद्यालय से पिछले साल पूरी की है। परीक्षा के कारण वह लोकसभा चुनावों में अपने पिता के लिए चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हो सके थे। अब, वह अपने पिता के राजनीतिक कार्यों में सहयोग करते हैं। इससे पहले मंगलवार सुबह को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ दिल्ली में एक बैठक के बाद कांग्रेस छोड़ दी। इसके बाद सिंधिया खेमे के कांग्रेस विधायकों का इस्तीफा देने का सिलसिला शुरू हो गया और शाम तक कांग्रेस के 22 बागी विधायकों ने इस्तीफे दे दिए। इससे प्रदेश की कांग्रेस सरकार का संकट गहरा गया और कमलनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार गिरने के कगार पर आ गई है।