कब खत्म होगा आतंकवाद का भयानक दौर !

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कब खत्म होगा आतंकवाद का भयानक दौर !

आज हम कितने मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं इसका अंदाजा लगाना थोड़ा कठिन है। तकनीकी की इस युग हमने बड़ी उन्नति कर ली है, मगर कुछ लोगो को ये बात समझ में नहीं आयेगी। जरा सोचिए कितना खौफनाक मंजर होगा जब कोई सुबह से अपने पवित्र त्यौहार की तैयारियों में मशगूल होगा, कोई अपने जारी काम के लिए निकला होगा, तो कोई किसी अन्य चीजों में व्यस्त होगा, तभी एकाएक मौत और चिल्लाहट का दर्दनाक दृश्य! एक के बाद एक जबरदस्त विस्फोट। चारो तरफ खून से लथपथ बिखरी हुई लाश, बिखरे हुए मांस के टुकड़े।

Kab Khatm Hoga Atankwad Ka Bhayanak Daur :

इस तरीके की दर्दनाक घटना बीते रविवार को श्रीलंका में ईसाईयों के पवित्र त्यौहार इस्टर के मौके पर हुआ। वहां चर्च सहित फाइव स्टार होटल को निशाना बना कर कायराना हमला किया गया। इस तरीके की कायराना आतंकवादी हमले में 3 भारतीय सहित कम से कम 290 निर्दोष लोगों के मारे जाने की सूचना है। इस घटना में करीब 500 लोग घायल हो गए। संभवतः इस प्रकार का हमला श्रीलंका के इतिहास में पहली घटना है। सारे देश में शोक का माहौल है। देखा जाए तो इस घटना ने सिर्फ श्रीलंका को ही नहीं बल्कि विश्व के सारे अमन पसंद बिरादरी को अंदर से हिला कर रख दिया है।

सरकार ने फिलहाल श्रीलंका में कर्फ्यू लगाया है। बताया जाता है कि हमलों का क्रम सुबह पौने पांच बजे के शुरू हुआ, लगातार छह धमाकों के बाद सातवां और आठवा धमाका दोपहर के बाद हुआ था। समझ में नहीं आता कि सैकड़ों लोगो को मौत घाट उतार कर कट्टरपंथी संगठन किसे खुश करना चाहते है और विश्व को क्या संदेश देना चाहते है। देखा जाए तो इन सारे सवालों के जवाब इनके पास भी नहीं है।

अब वह समय आ गया है जब पूरी दुनिया को एक होकर इन ख़तरनाक संगठनों के खिलाफ निर्मम करवाई करने की इच्छाशक्ति दिखाने की। विदित हो कि कुछ महीने पहले हिंदुस्तान में भी कुछ इसी प्रकार के कायराना हमले हुए थे। अमेरिका, रूस, इंडिया, फ्रांस, इजरायल, चीन, इत्यादि विश्व के विकसित अर्थव्यवस्था वाले देशों को जल्द से जल्द बिना किसी प्रतिद्वांटिता के इन आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने होंगे तभी सारी दुनियां में शांति कायम हो सकती है। फिलहाल इन देशों को श्रीलंका में आए इस भयानक विपदा में हर प्रकार के सहयोग करने चाहिए जिससे वहां कुछ राहत मिल सके।

रिपोर्ट: रोशन मिश्रा

आज हम कितने मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं इसका अंदाजा लगाना थोड़ा कठिन है। तकनीकी की इस युग हमने बड़ी उन्नति कर ली है, मगर कुछ लोगो को ये बात समझ में नहीं आयेगी। जरा सोचिए कितना खौफनाक मंजर होगा जब कोई सुबह से अपने पवित्र त्यौहार की तैयारियों में मशगूल होगा, कोई अपने जारी काम के लिए निकला होगा, तो कोई किसी अन्य चीजों में व्यस्त होगा, तभी एकाएक मौत और चिल्लाहट का दर्दनाक दृश्य! एक के बाद एक जबरदस्त विस्फोट। चारो तरफ खून से लथपथ बिखरी हुई लाश, बिखरे हुए मांस के टुकड़े। इस तरीके की दर्दनाक घटना बीते रविवार को श्रीलंका में ईसाईयों के पवित्र त्यौहार इस्टर के मौके पर हुआ। वहां चर्च सहित फाइव स्टार होटल को निशाना बना कर कायराना हमला किया गया। इस तरीके की कायराना आतंकवादी हमले में 3 भारतीय सहित कम से कम 290 निर्दोष लोगों के मारे जाने की सूचना है। इस घटना में करीब 500 लोग घायल हो गए। संभवतः इस प्रकार का हमला श्रीलंका के इतिहास में पहली घटना है। सारे देश में शोक का माहौल है। देखा जाए तो इस घटना ने सिर्फ श्रीलंका को ही नहीं बल्कि विश्व के सारे अमन पसंद बिरादरी को अंदर से हिला कर रख दिया है। सरकार ने फिलहाल श्रीलंका में कर्फ्यू लगाया है। बताया जाता है कि हमलों का क्रम सुबह पौने पांच बजे के शुरू हुआ, लगातार छह धमाकों के बाद सातवां और आठवा धमाका दोपहर के बाद हुआ था। समझ में नहीं आता कि सैकड़ों लोगो को मौत घाट उतार कर कट्टरपंथी संगठन किसे खुश करना चाहते है और विश्व को क्या संदेश देना चाहते है। देखा जाए तो इन सारे सवालों के जवाब इनके पास भी नहीं है। अब वह समय आ गया है जब पूरी दुनिया को एक होकर इन ख़तरनाक संगठनों के खिलाफ निर्मम करवाई करने की इच्छाशक्ति दिखाने की। विदित हो कि कुछ महीने पहले हिंदुस्तान में भी कुछ इसी प्रकार के कायराना हमले हुए थे। अमेरिका, रूस, इंडिया, फ्रांस, इजरायल, चीन, इत्यादि विश्व के विकसित अर्थव्यवस्था वाले देशों को जल्द से जल्द बिना किसी प्रतिद्वांटिता के इन आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने होंगे तभी सारी दुनियां में शांति कायम हो सकती है। फिलहाल इन देशों को श्रीलंका में आए इस भयानक विपदा में हर प्रकार के सहयोग करने चाहिए जिससे वहां कुछ राहत मिल सके।

रिपोर्ट: रोशन मिश्रा