काबुल में शिया धर्मस्थल के पास ISIS का आत्मघाती हमला, 29 की मौत

काबुल में शिया धर्मस्थल के पास ISIS का आत्मघाती हमला, 29 की मौत
काबुल में शिया धर्मस्थल के पास ISIS का आत्मघाती हमला, 29 की मौत

नई दिल्ली। अफगानिस्तान की राजधानी में बुधवार को नवरोज (पारंपरिक नए साल) का जश्न मना रहे लोगों के पास हुए एक आत्मघाती हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए और 18 अन्य घायल हो गए। आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहिमी ने टोलो न्यूज से कहा कि काबुल विश्वविद्यालय और अलीयाबाद अस्पताल के बीच दोपहर के समय एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा दिया। इस हमले में जिन लोगों को शिकार बनाया गया, वे कर्त-ए-सखी धार्मिक स्थल में नव वर्ष का जश्न मनाने जा रहे थे।

Kabul Bomb Blast Suicide Bomber Kill 29 :

पुलिस ने इलाके को घेर लिया है। भीड़ में ज्यादातर लोग शिया समुदाय से संबंधित थे। अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या के बढ़ने की आशंका जताई है। हमले की अभी किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। अफगानिस्तान में हाल के वर्षो में शियाओं पर सांप्रदायिक हमलों में वृद्धि हुई है।

अफगान सरकार के खिलाफ संघर्षरत आतंकवादी तालिबान और इस्लामिक स्टेट (आईएस), दोनों देश में नवरोज के जश्न के खिलाफ हैं। अफगानिस्तान की राजधानी में इस साल हुए कई हमलों के बाद बुधवार का यह हमला सामने आया। जनवरी के अंत में भी इस तरह का हमला हुआ था, जब तालिबान ने काबुल के केंद्रीय जिले में विस्फोटकों से भरी एम्बुलेंस में विस्फोट किया था, जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गए थे।

नई दिल्ली। अफगानिस्तान की राजधानी में बुधवार को नवरोज (पारंपरिक नए साल) का जश्न मना रहे लोगों के पास हुए एक आत्मघाती हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए और 18 अन्य घायल हो गए। आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहिमी ने टोलो न्यूज से कहा कि काबुल विश्वविद्यालय और अलीयाबाद अस्पताल के बीच दोपहर के समय एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा दिया। इस हमले में जिन लोगों को शिकार बनाया गया, वे कर्त-ए-सखी धार्मिक स्थल में नव वर्ष का जश्न मनाने जा रहे थे।पुलिस ने इलाके को घेर लिया है। भीड़ में ज्यादातर लोग शिया समुदाय से संबंधित थे। अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या के बढ़ने की आशंका जताई है। हमले की अभी किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। अफगानिस्तान में हाल के वर्षो में शियाओं पर सांप्रदायिक हमलों में वृद्धि हुई है।अफगान सरकार के खिलाफ संघर्षरत आतंकवादी तालिबान और इस्लामिक स्टेट (आईएस), दोनों देश में नवरोज के जश्न के खिलाफ हैं। अफगानिस्तान की राजधानी में इस साल हुए कई हमलों के बाद बुधवार का यह हमला सामने आया। जनवरी के अंत में भी इस तरह का हमला हुआ था, जब तालिबान ने काबुल के केंद्रीय जिले में विस्फोटकों से भरी एम्बुलेंस में विस्फोट किया था, जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गए थे।