रहस्य: इस पर्वत पर है भगवान शिव का निवास, नहीं चढ़ पाया कोई भी पर्वतारोही

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रहस्य: इस पर्वत पर है भगवान शिव का निवास, नहीं चढ़ पाया कोई भी पर्वतारोही

सावन का पावन महीना चल रहा है। यह महीना भगवान शिव का का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। सावन माह में श्रद्धालु भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं। सावन के इसी पवित्र महीने में हम आपको भगवान शंकर के निवास स्थान के बारे में बताने जा रहे हैं। कैलाश पर्वत दुनिया का सबसे बड़ा और रहस्मयी पर्वत माना जाता है। कहते है सारे ‘तीरथ सौ बार, कैलाश यात्रा एक बार’ इसलिए हर भक्त की दिली ख्वाईश होती है कि वो अपने जीवन के अंतिम सांस से पहले एक बार कैलाश-मानसरोवर की यात्रा जरूर कर ले।

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रहस्य: इस पर्वत पर है भगवान शिव का निवास, नहीं चढ़ पाया कोई भी पर्वतारोही

कैलाश पर्वत के बारे में कई ऐसी बातें हैं जो आजतक कोई नहीं जान पाया है। कहा जाता है कि इस पर्वत पर भगवान शंकर माता पार्वती के साथ निवास करते हैं। हालांकि आज वो जगह पूरी तरह वीरान है, आज तक कोई भी वहां नहीं पहुंच पाया है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस पर्वत पर कोई भी अपवित्र आत्मा नहीं जा सकती है। इस पर्वत की ऊँचाई 6638 मीटर से भी ज्यादा की है। आजतक उस पर्वत पर कोई भी पर्वतारोही नहीं चढ़ पाया है।

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रहस्य: इस पर्वत पर है भगवान शिव का निवास, नहीं चढ़ पाया कोई भी पर्वतारोही

पर्वतारोही ऊंचाई की वजह से नहीं बल्कि डर से कैलाश पर नहीं चढ़ते हैं। कहा जाता है कि यह अन्दर से खोखला है। कुछ साल पहले वैज्ञानिकों ने यह खोज निकाला था कि कैलाश पर्वत अत्यंत ही रेडियों एक्टिव जगह है। यह रेडिओ एक्टिविटी हर तरफ एक जैसी थी।

कैलाश पर्वत का रहस्य –

इस पर्वत पर शिव का निवास है। यह पर्वत तिब्बत में बसा हुआ एक रहस्यमयी पर्वत है। कैलाश पर्वत चार नदियों से घिरा हुआ है ब्रहमपुत्र, सिंधु, सतलुज और क्रनाली। इस पर्वत के आसपास दो महान झील हैं, मानसरोवर झील और राक्षस झील है। मानसरोवर झील शुद्ध पानी की झील है जिसका आकार सूर्य की तरह है। राक्षस झील का पानी खारा है इसका आकार चंद्र के जैसा है। कैलाश पर्वत अपने आप में ही एक रहस्य बना हुआ है।

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रहस्य: इस पर्वत पर है भगवान शिव का निवास, नहीं चढ़ पाया कोई भी पर्वतारोही

कहा जाता है की इस पर्वत की जो 108 बार परिक्रमा पूरी करता हैं उससे मोक्ष की प्राप्ति होती है। कैलाश पर्वत का रहस्य अभी तक कोई भी नहीं सुलझा पाया हैं। इस पर्वत के बारे में कुछ वैज्ञानिकों ने यह भी दावा किया है कि यह प्राकृतिक नहीं है, बल्कि इसे बनाया गया है। इसका निर्माण ठीक वैसे ही किया गया है, जैसे मिश्र के पिरामिडों का किया गया है

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सावन का पावन महीना चल रहा है। यह महीना भगवान शिव का का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। सावन माह में श्रद्धालु भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं। सावन के इसी पवित्र महीने में हम आपको भगवान शंकर के निवास स्थान के बारे में बताने जा रहे हैं। कैलाश पर्वत दुनिया का सबसे बड़ा और रहस्मयी पर्वत माना जाता है। कहते है सारे 'तीरथ सौ बार, कैलाश यात्रा एक बार' इसलिए हर भक्त…
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