कैलाश विजयवर्गीय बोले- राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश नहीं लाएगी सरकार

कैलाश विजयवर्गीय बोले- राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश नहीं लाएगी सरकार
कैलाश विजयवर्गीय बोले- राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश नहीं लाएगी सरकार

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि उनकी पार्टी फिलहाल अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने के बारे में विचार नहीं कर रही है। विजयवर्गीय ने हालांकि यह भी कहा कि बीजेपी ही अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कर सकती है क्योंकि किसी और में ऐसा करने का दम नहीं है।

Kailash Vijayvargiya Says Bjp Not Thinking About Bringing Ordinance On Ram Temple :

उनके मुताबिक, मंदिर के मुद्दे ने भाजपा को फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाया है क्योंकि विपक्ष इस मसले का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों को डराने और वोटों के ध्रुवीकरण के लिए कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम अदालत से एक बार फिर इस मसले पर फैसला सुनाने की अपील करेंगे। जब तक मामला अदालत में है, हमें जल्दबाजी न करते हुए उसे फैसले के लिए उचित समय देना चाहिए।’

विजयवर्गीय ने कहा, ‘अगर लोगों की आकांक्षाएं बढ़ती रहीं, तो सरकार को इस पर (अध्यादेश लाने या न लाने पर) फैसला लेना होगा। लेकिन फिलहाल हम ऐसा नहीं सोच रहे हैं।’ विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और शिवसेना की ओर से अध्यादेश लाने की बढ़ती मांग पर विजयवर्गीय ने फिर दोहराया कि उन्हें जल्द फैसले की अपील लेकर अदालत के पास जाना चाहिए।

बीजेपी नेता ने विपक्ष के इन आरोप को खारिज किया कि बीजेपी चुनावों से पहले राम मंदिर मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश में जुटी है। उन्होंने कहा, ‘इस मुद्दे को बीजेपी ने नहीं बल्कि संतों और दूसरे संगठनों ने उठाया है। पार्टी कभी राम मंदिर मुद्दे को लेकर चुनावों में नहीं उतरी। हमारा अजेंडा हमेशा ‘सबका साथ सबका विकास’ रहा है।’

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि उनकी पार्टी फिलहाल अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने के बारे में विचार नहीं कर रही है। विजयवर्गीय ने हालांकि यह भी कहा कि बीजेपी ही अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कर सकती है क्योंकि किसी और में ऐसा करने का दम नहीं है।उनके मुताबिक, मंदिर के मुद्दे ने भाजपा को फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाया है क्योंकि विपक्ष इस मसले का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों को डराने और वोटों के ध्रुवीकरण के लिए कर रहा है। उन्होंने कहा, 'हम अदालत से एक बार फिर इस मसले पर फैसला सुनाने की अपील करेंगे। जब तक मामला अदालत में है, हमें जल्दबाजी न करते हुए उसे फैसले के लिए उचित समय देना चाहिए।'विजयवर्गीय ने कहा, 'अगर लोगों की आकांक्षाएं बढ़ती रहीं, तो सरकार को इस पर (अध्यादेश लाने या न लाने पर) फैसला लेना होगा। लेकिन फिलहाल हम ऐसा नहीं सोच रहे हैं।' विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और शिवसेना की ओर से अध्यादेश लाने की बढ़ती मांग पर विजयवर्गीय ने फिर दोहराया कि उन्हें जल्द फैसले की अपील लेकर अदालत के पास जाना चाहिए।बीजेपी नेता ने विपक्ष के इन आरोप को खारिज किया कि बीजेपी चुनावों से पहले राम मंदिर मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश में जुटी है। उन्होंने कहा, 'इस मुद्दे को बीजेपी ने नहीं बल्कि संतों और दूसरे संगठनों ने उठाया है। पार्टी कभी राम मंदिर मुद्दे को लेकर चुनावों में नहीं उतरी। हमारा अजेंडा हमेशा 'सबका साथ सबका विकास' रहा है।'