दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए वायुसेना तैयार

बरेली। कश्मीर के उरी सेक्टर में सैन्य शिविर में हुये फिदाइन हमले के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच उत्तर प्रदेश के बरेली में स्थित वायुसेना स्टेशन के प्रमुख ग्रुप कैप्टन बी सतीश ने दावा किया है कि आपात स्थिति में वायुसेना दुश्मनों के हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिये पूरी तरह तैयार है। आठ अक्टूबर को वायुसेना दिवस से पहले त्रिशूल एयरबेस पर पत्रकारों को भारत की अपनी अद्भुत और मारक क्षमताओं से रूबरू कराते हुये त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन के चीफ ऑपरेशन ऑफिसर व ग्रुप कैप्टन बी.सतीश ने कहा कि स्टेशन पर मौजूद सुखोई विमान सरहद की रक्षा को हर वक्त तैयार है। सुखोई हल्का और काफी सक्षम लड़ाकू विमान है जो पलक झपकते ही हवा में उड़ान भरने में सक्षम है। बम, एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल, टैंकभेदी मिसाइल को सटीक टारगेट पर दाग सकता है।





उन्होंने बताया कि चीन की सीमा हमसे 2400 किलोमीटर दूर है मगर जरूरत पड़ी तो मात्र आठ से दस मिनट के अंदर भारत का सुखोई विमान पड़ोसी देश चीन की सरहद तक मार करने में सक्षम है। एयर कोमोडोर आईएस वालिया ने कहा कि एयरफोर्स स्टेशन से सटे आबादी क्षेत्र में परिंदों से विमानों की उड़ान में खतरे की आशंका बढ़ने लगी है। आबादी बढ़ने पर कचरा और अन्य सामग्री खुले में डालने से परिंदे भी मंडराते हैं। वायुसेना के उड़ान क्षेत्र में परिंदों के आने से न केवल उड़ानों को खतरा है बल्कि विमान और पायलट के लिए बड़ा खतरा रहता है। आबादी बढने से एक खतरा मकानों में संदिग्ध व्यक्तियों और उनकी गतिविधियों से भी होता है हालांकि स्टेशन की भीतरी सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। वायुसेना अधिकारी ने कहा कि उड़ान क्षेत्र और स्टेशन विस्तार के लिए बताया हमने 265 एकड़ जमीन का प्रस्ताव भेजा था।




प्रशासन से एनओसी मिल चुकी है। रक्षा मंत्रालय को इस बारे में निर्णय लेना है। 1963 में स्थापितािशूल एयरफोर्स स्टेशन की स्थापना के वक्त नैनीताल रोड पर न बहुत आबादी थी और न ही आमजन का आवागमन था। इज्जत नगर रेलवे स्टेशन के कारण ही लोगों का आना-जाना था। धीरे-धीरे गांव की आबादी बढ़ने और शहरी सीमा में बसावट होने के बाद वायुसेना स्टेशन के आसपास भी मकान बनने लगे। एयर कोमोडोर ने बताया किािशूल एयरबेस पर दो फाइटर यूनिट हैं। हर यूनिट में 16 से 18 फाइटर प्लेन हर वक्त तैयार रहते हैं। वायुसेना के सबसे उन्नत फाइटर प्लेन सुखोई-30 एमकेआई और सुखोई-30 के इस वायुसेना स्टेशन की शान हैं। जो किसी भी आपात स्थिति में सैन्य ऑपरेशन के लिए तैयार हैं। एडवांस लाइट हेलीकाप्टर ध्रुव भी है, जो कि बाढ़ या अन्य किसी राहत के लिए हरदम तैयार है। रक्षा मंत्रालय के उत्तर कमांड के जनसंपर्क अधिकारी व वायुसेना में ग्रुप कैप्टन बीबी पांडेय ने बताया कि बरेली एयरफोर्स स्टेशन का सामरिक महत्व के साथ ही आपदा राहत कार्य में भी बेहद अहम योगदान रहा है।



बरेली। कश्मीर के उरी सेक्टर में सैन्य शिविर में हुये फिदाइन हमले के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच उत्तर प्रदेश के बरेली में स्थित वायुसेना स्टेशन के प्रमुख ग्रुप कैप्टन बी सतीश ने दावा किया है कि आपात स्थिति में वायुसेना दुश्मनों के हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिये पूरी तरह तैयार है। आठ अक्टूबर को वायुसेना दिवस से पहले त्रिशूल एयरबेस पर पत्रकारों को भारत की अपनी अद्भुत और मारक क्षमताओं से रूबरू…
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