कैसा ये इश्क है, पति पत्नी के बीच 67 केस

नई दिल्ली। भारत जितना बड़ा देश है उतनी ही अजीबो गरीब घटनाएं यहां देखने को मिलतीं हैं। नया मामला सुप्रीम कोर्ट में अपने बच्चे की कस्टडी के लिए दावा करने पहुंचे बेंग्लुरू के दंपत्ति का है। जिन्होंने एक दूसरे के ऊपर 67 केस ठोंक रखे हैं। यह दंपत्ति कभी अमेरिका में रहता था लेकिन रिश्तों में आई खटास के बाद से पति और पत्नी अपनी आठ साल के बेटे की कस्टडी के लिए लड़ रहे हैं।




इस मामले की सुनवाई के लिए तारीख देते समय सुप्रीम कोर्ट जस्टिस कूरियन जोसिफ और जस्टिस आर भानुमती की खंडपीठ ने जो प्रतिक्रिया दी वह बताती है कि इस दंपत्ति के बीच रिश्तों में किस हद तक खटास आ चुकी है। इस मामले की याचिका को स्वीकार करते हुए जस्टिस जोसफ ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में कभी ऐसा नहीं सुना कि किसी पति पत्नी ने एक दूसरे पर इतने सारे केस दर्ज करवा रखे हैं। इसके बाद उन्होंने बताया कि इससे पहले एक मामला सामने आया था जिसमें पति पत्नी ने एक दूसरे पर 36 केस कर रखे थे।




इस अनोखे मामले में अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के पुरुष ने अपनी पत्नी के खिलाफ 58 मामले दर्ज करवा रखे हैं, जबकि दूसरी ओर कानूनी कार्रवाईयों की पहल करने वाली पत्नी ने उस पर दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, अवमानना और बच्चे की कस्टडी समेंत कुल नौ मामले दर्ज करवा रखे हैं।




मिली जानकारी के मुताबिक यह जोड़ा मई 2002 में दांपत्य बंधन में बंधा था। जिसके बाद दोनों अमेरिका चले गए और वहां 2009 में उन्हें एक बेटा भी हुआ। जिसके बाद दोनों के बीच के रिश्ते खराब होना शुरू हुए। धीरे—धीरे स्थिति इतनी खराब हुई कि पत्नी ने भारत वापस आकर मायके में रहना शुरू कर दिया और अपने पति के खिलाफ केस कर दिया।




अब अदालत ने बच्चे की कस्टडी के मामले की सुनवाई के लिए 27 अप्रैल का दिन निश्चित किया है। तब तक के लिए पिता को उसके बेटे से मिलने के लिए शनिवार और रविवार सुबह आठ से लेकर शाम सात बजे तक साथ रहने की छूट दी है।