कमलेश तिवारी हत्याकांड: ATS के हत्थे चढ़ा बरेली का मौलाना, हत्यारों की मदद का है आरोप

kamlesh tiwari murder
कमलेश तिवारी हत्याकांड: ATS के हत्थे चढ़ा बरेली का मौलाना, हत्यारों की मदद का है आरोप

लखनऊ। हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में यूपी एटीएस ने बरेली के एक मौलाना को हिरासत में लिया है। मौलाना पर हत्यारों की मदद का आरोप है। हिरासत में लिए गए मौलाना का नाम सैय्यद कैफी अली है और वह दरगाह आला हजरत में मौलाना है। एटीएस आरोपी मौलाना को लखनऊ लेकर आ रही है। कमलेश तिवारी की हत्या के बाद दोनों आरोपी अशफाक और मोहिउद्दीन लखनऊ से बरेली मौलाना से मिलने आए थे। आरोप है कि मौलाना ने दोनों आरोपियों का बरेली के एक अस्पताल में इलाज भी कराया था।

Kamlesh Tiwari Massacre Maulana Of Ats Arrested By Ats Accused Of Helping Murderers :

बता दें कि रविवार को एसएसपी बरेली को किसी ने गुमनाम पत्र भेजकर सूचना दी कि मलूकपुर के एक मौलाना ने बरेली में हत्यारोपियों की मदद की थी। इस मौलाना के आतंकी संगठनों से भी संपर्क होने का दावा किया गया है। यह भी कहा गया है कि दो साल में ही इस मौलाना ने अकूत सम्पत्ति अर्जित की है। पुलिस और जांच एजेंसियों पत्र में दिए गए इनपुट के आधार पर गोपनीय जांच के बाद मौलाना को हिरासत में ले लिया।

एसआईटी हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के कातिलों के और करीब पहुंच गई है। अन्य एजेंसियों के साथ काम कर रहे स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक इनोवा कार जब्त की है। कमलेश के हत्यारों ने लखीमपुर में पलिया से शाहजहांपुर तक जाने के लिए इनोवा बुक कराई थी। कार के ड्राइवर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है।

सूत्रों के अनुसार ड्राइवर ने खुलासा किया है कि कार को उसके मालिक के एक रिश्तेदार ने गुजरात से 5,000 रुपये में बुक किया था। माना गया है कि कातिल इसी कार से लखीमपुर से शाहजहांपुर गए। सोमवार को एक सीसीटीवी कैमरे में उन्हें बस स्टेशन की तरफ पैदल जाते हुए देखा गया था।

पुलिस टीम ने पीलीभीत जिला के शेरपुर गांव निवासी फिरोज (28) से भी पूछताछ की है। फिरोज का कथित रूप से तिवारी हत्याकांड के एक आरोपी राशिद से संबंध है। कमलेश तिवारी की हत्या 18 अक्टूबर को लखनऊ में की गई थी।

लखनऊ। हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में यूपी एटीएस ने बरेली के एक मौलाना को हिरासत में लिया है। मौलाना पर हत्यारों की मदद का आरोप है। हिरासत में लिए गए मौलाना का नाम सैय्यद कैफी अली है और वह दरगाह आला हजरत में मौलाना है। एटीएस आरोपी मौलाना को लखनऊ लेकर आ रही है। कमलेश तिवारी की हत्या के बाद दोनों आरोपी अशफाक और मोहिउद्दीन लखनऊ से बरेली मौलाना से मिलने आए थे। आरोप है कि मौलाना ने दोनों आरोपियों का बरेली के एक अस्पताल में इलाज भी कराया था। बता दें कि रविवार को एसएसपी बरेली को किसी ने गुमनाम पत्र भेजकर सूचना दी कि मलूकपुर के एक मौलाना ने बरेली में हत्यारोपियों की मदद की थी। इस मौलाना के आतंकी संगठनों से भी संपर्क होने का दावा किया गया है। यह भी कहा गया है कि दो साल में ही इस मौलाना ने अकूत सम्पत्ति अर्जित की है। पुलिस और जांच एजेंसियों पत्र में दिए गए इनपुट के आधार पर गोपनीय जांच के बाद मौलाना को हिरासत में ले लिया। एसआईटी हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के कातिलों के और करीब पहुंच गई है। अन्य एजेंसियों के साथ काम कर रहे स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक इनोवा कार जब्त की है। कमलेश के हत्यारों ने लखीमपुर में पलिया से शाहजहांपुर तक जाने के लिए इनोवा बुक कराई थी। कार के ड्राइवर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है। सूत्रों के अनुसार ड्राइवर ने खुलासा किया है कि कार को उसके मालिक के एक रिश्तेदार ने गुजरात से 5,000 रुपये में बुक किया था। माना गया है कि कातिल इसी कार से लखीमपुर से शाहजहांपुर गए। सोमवार को एक सीसीटीवी कैमरे में उन्हें बस स्टेशन की तरफ पैदल जाते हुए देखा गया था। पुलिस टीम ने पीलीभीत जिला के शेरपुर गांव निवासी फिरोज (28) से भी पूछताछ की है। फिरोज का कथित रूप से तिवारी हत्याकांड के एक आरोपी राशिद से संबंध है। कमलेश तिवारी की हत्या 18 अक्टूबर को लखनऊ में की गई थी।