JNU नारेबाजी मामले में कन्हैया, खालिद समेत 10 के खिलाफ चार्जशीट दायर

umar khalid
JNU नारेबाजी मामले में कन्हैया, खालिद समेत 10 के खिलाफ चार्जशीट दायर

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य समेत 10 आरोपियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस आज चार्जशीट दाखिल करेगी चार्जशीट में जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, सैयद उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य समेत 10 लोगों के नाम शामिल है।

Kanhaiya Kumar Umar Khaild Sedition Case Jnu Chargsheet Court :

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक, गवाहों के बयानों के बाद देशद्रोह का ये मामला दर्ज किया गया है। वहीं उमर खालिद के खिलाफ धोखाधड़ी का भी मामला दर्ज किया गया है। इनके अलावा 36 लोग ऐसे थे, जिन्हें जांच के दायरे में रखा गया था। इनमें यूनिवर्सिटी के छात्र और सुरक्षाकर्मी शामिल थे, हालांकि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला।

बता दें कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी पर लटकाए जाने के विरोध में वर्ष 2016 में जेएनयू कैंपस में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जेएनयू के इस विवादस्पद कार्यक्रम से लोगों में नाराजगी फैली थी। आरोप लगे थे कि कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाए गए।

इस संबंध में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान को यह कार्यक्रम आयोजित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन सभी पर देहद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि उनकी गिरफ्तारी से बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। विपक्ष ने पुलिस पर सत्ताधारी बीजेपी की शह पर काम करने का आरोप लगाया था।

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य समेत 10 आरोपियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस आज चार्जशीट दाखिल करेगी चार्जशीट में जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, सैयद उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य समेत 10 लोगों के नाम शामिल है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक, गवाहों के बयानों के बाद देशद्रोह का ये मामला दर्ज किया गया है। वहीं उमर खालिद के खिलाफ धोखाधड़ी का भी मामला दर्ज किया गया है। इनके अलावा 36 लोग ऐसे थे, जिन्हें जांच के दायरे में रखा गया था। इनमें यूनिवर्सिटी के छात्र और सुरक्षाकर्मी शामिल थे, हालांकि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। बता दें कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी पर लटकाए जाने के विरोध में वर्ष 2016 में जेएनयू कैंपस में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जेएनयू के इस विवादस्पद कार्यक्रम से लोगों में नाराजगी फैली थी। आरोप लगे थे कि कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाए गए। इस संबंध में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान को यह कार्यक्रम आयोजित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन सभी पर देहद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि उनकी गिरफ्तारी से बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। विपक्ष ने पुलिस पर सत्ताधारी बीजेपी की शह पर काम करने का आरोप लगाया था।