बिहार में कन्हैया कुमार के काफिले पर फिर हमला, फेंके गए अंडे और मोबिल ऑयल

knhaiya kumar
बिहार में कन्हैया कुमार के काफिले पर फिर हमला, फेंके गए अंडे और मोबिल ऑयल

पटना। बिहार में आजकल कन्हैया कुमार ने एनआरसी और सीएए के खिलाफ ‘जन-गण-मन यात्रा’ निकाल रखा है। इस दौरान उनपर कई बार हमले हो चुक हैं। वहीं एकबार फिर उनके ऊपर फिर हमला हुआ हैं। इस बार लोगों ने कन्हैया पर अंडे और मोबिल ऑयल फेंका है। आपको बता दें कि इस यात्रा के दौरान वह बिहार के लगभग सभी प्रमुख शहरों में पहुंचेंगे और करीब 50 सभाएं करेंगे।

Kanhaiya Kumars Convoy Again Attacked In Bihar Thrown Eggs And Mobil Oil :

भाकपा नेता कन्हैया कुमार, जवाहरलाल नेहरू (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष भी हैं और अक्सर वो विवादों में घिरे रहते हैं, हाल ही में जेएनयू में हुई हिंसा के दौरान भी काफी चर्चाओं में आये थे। कन्हैया कुमार लगातार मोदी सरकार के खिलाफ विरोध करते नजर आते हैं, उन्होने 2019 लोकसभा चुनाव भी लड़ा था लेकिन वो काफी अन्तराल से चुनाव हार गये थे। नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर उन्होने आन्दोलन करने की ठानी थी, जिसके तहत उन्होने यात्रा निकाली है।

पुलिस के मुताबिक, “कन्हैया कुमार रविवार को अपनी ‘जन गण मन यात्रा’ पर जमुई पहुंचे थे और एक सभा को भी संबोधित किया था। इसके बाद जमुई परिसदन में रात्रि विश्राम के बाद कन्हैया कुमार का काफिला सोमवार को आगे बढ़ने के क्रम में महिसौरी बस स्टैंड के पास पहुंचा, तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। यहां लोगों ने कन्हैया के खिलाफ नारे लगाए और काफिले पर अंडा और मोबिल ऑयल फेंका।
इस दौरान कन्हैया कुमार के समर्थकों और स्थानीय लोगों में झड़प भी हु।. उनके समर्थकों और मीडियाकर्मियों के बीच भी इस दौरान बहस हुई।

आपको बता दें कि कन्हैया ने इस यात्रा की शुरुआत 30 जनवरी को बेतिया से की है, उनकी यह यात्रा 29 फरवरी को समाप्त होने वाली है। इससे पहले सात फरवरी को कटिहार में कन्हैया कुमार के काफिले पर जूते-चप्पल फेंके गए थे और सुपौल जिले के सदर थाना क्षेत्र में कुछ असमाजिक तत्वों ने उनके काफिले पर पथराव कर दिया था।

पटना। बिहार में आजकल कन्हैया कुमार ने एनआरसी और सीएए के खिलाफ 'जन-गण-मन यात्रा' निकाल रखा है। इस दौरान उनपर कई बार हमले हो चुक हैं। वहीं एकबार फिर उनके ऊपर फिर हमला हुआ हैं। इस बार लोगों ने कन्हैया पर अंडे और मोबिल ऑयल फेंका है। आपको बता दें कि इस यात्रा के दौरान वह बिहार के लगभग सभी प्रमुख शहरों में पहुंचेंगे और करीब 50 सभाएं करेंगे। भाकपा नेता कन्हैया कुमार, जवाहरलाल नेहरू (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष भी हैं और अक्सर वो विवादों में घिरे रहते हैं, हाल ही में जेएनयू में हुई हिंसा के दौरान भी काफी चर्चाओं में आये थे। कन्हैया कुमार लगातार मोदी सरकार के खिलाफ विरोध करते नजर आते हैं, उन्होने 2019 लोकसभा चुनाव भी लड़ा था लेकिन वो काफी अन्तराल से चुनाव हार गये थे। नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर उन्होने आन्दोलन करने की ठानी थी, जिसके तहत उन्होने यात्रा निकाली है। पुलिस के मुताबिक, "कन्हैया कुमार रविवार को अपनी 'जन गण मन यात्रा' पर जमुई पहुंचे थे और एक सभा को भी संबोधित किया था। इसके बाद जमुई परिसदन में रात्रि विश्राम के बाद कन्हैया कुमार का काफिला सोमवार को आगे बढ़ने के क्रम में महिसौरी बस स्टैंड के पास पहुंचा, तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। यहां लोगों ने कन्हैया के खिलाफ नारे लगाए और काफिले पर अंडा और मोबिल ऑयल फेंका। इस दौरान कन्हैया कुमार के समर्थकों और स्थानीय लोगों में झड़प भी हु।. उनके समर्थकों और मीडियाकर्मियों के बीच भी इस दौरान बहस हुई। आपको बता दें कि कन्हैया ने इस यात्रा की शुरुआत 30 जनवरी को बेतिया से की है, उनकी यह यात्रा 29 फरवरी को समाप्त होने वाली है। इससे पहले सात फरवरी को कटिहार में कन्हैया कुमार के काफिले पर जूते-चप्पल फेंके गए थे और सुपौल जिले के सदर थाना क्षेत्र में कुछ असमाजिक तत्वों ने उनके काफिले पर पथराव कर दिया था।