कानपुर केस: विकास दुबे के साथी उमाकांत ने किया सरेंडर, गले में तख्ती लटकाए पत्नी और बेटी के साथ पहुंचा थाने

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कानपुर केस: विकास दुबे के साथी उमाकांत ने किया सरेंडर, गले में तख्ती लटकाए पत्नी और बेटी के साथ पहुंचा थाने

कानपुर। कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल विकास दुबे के साथ उमाकाशंत शुक्ल उर्फ गुड्डन ने शनिवार को सरेंडर कर दिया। उमाकांत पत्नी और बेटी के साथ चौबेपुर थाने पहुंचा था, इस दौरान उसके गले में तख्ती लटकी हुई थी। जिसमें खुद के विकास दुबे का साथी होने और कानपुर कांड के बाद आत्मग्लानि की बात कही थी।

Kanpur Case Vikas Dubeys Partner Umakant Surrenders Hangs Neck And Neck With Wife And Daughter Police Station :

उमाकांत शुक्ला ने पुलिस से रहम की गुहार लगाते हुए कहा कि मैं सरेंडर करने आया हूं। आरोपी उमाकांत शुक्ला ने तख्ती में लिखा था कि मेरा नाम उमाकांत शुक्ला उर्फ गुड्डन है। कानपुर कांड में मैं विकास दुबे के साथ शामिल था। मुझे पकड़ने के लिए रोज पुलिस छापेमारी कर रही है, जिससे मैं बहुत डरा हुआ हूं।

हम लोगों द्वारा जो घटना की गई थी, उसकी हमें बहुत आत्मग्लानि है। मैं खुद पुलिस के सामने हाजिर हो रहा हूं। मेरी जान की रक्षा की जाए, मुझ पर रहम किया जाए। बता दें कि, विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर बिकरू गांव में दबिश देने गई पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था।

इस हमले में एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। वहीं, इस मामले के मुख्य आरोपी विकास दुबे को उज्जैन से पकड़ा गया था। वहीं, कानपुर में एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में विकास दुबे मारा गया था।

कानपुर। कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल विकास दुबे के साथ उमाकाशंत शुक्ल उर्फ गुड्डन ने शनिवार को सरेंडर कर दिया। उमाकांत पत्नी और बेटी के साथ चौबेपुर थाने पहुंचा था, इस दौरान उसके गले में तख्ती लटकी हुई थी। जिसमें खुद के विकास दुबे का साथी होने और कानपुर कांड के बाद आत्मग्लानि की बात कही थी। उमाकांत शुक्ला ने पुलिस से रहम की गुहार लगाते हुए कहा कि मैं सरेंडर करने आया हूं। आरोपी उमाकांत शुक्ला ने तख्ती में लिखा था कि मेरा नाम उमाकांत शुक्ला उर्फ गुड्डन है। कानपुर कांड में मैं विकास दुबे के साथ शामिल था। मुझे पकड़ने के लिए रोज पुलिस छापेमारी कर रही है, जिससे मैं बहुत डरा हुआ हूं। हम लोगों द्वारा जो घटना की गई थी, उसकी हमें बहुत आत्मग्लानि है। मैं खुद पुलिस के सामने हाजिर हो रहा हूं। मेरी जान की रक्षा की जाए, मुझ पर रहम किया जाए। बता दें कि, विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर बिकरू गांव में दबिश देने गई पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। इस हमले में एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। वहीं, इस मामले के मुख्य आरोपी विकास दुबे को उज्जैन से पकड़ा गया था। वहीं, कानपुर में एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में विकास दुबे मारा गया था।