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बारिश के पानी में जल निगम ने बहा दिए 900 करोड़, जलमग्न हुआ शहर तो सामने आई सच्चाई!

Kanpur Commissioner Accepted Derangement In 900 Million Pipeline

By शिव मौर्या 
Updated Date

कानपुर। जल निगम ने बारिश के पानी में 900 करोड़ रुपये बहा दिए। शहर जलमग्न हुआ तो यह सच्चाई सामने आई। शहर में चारो तरफ बारिश का पानी भरते ही जल निगम के अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गईं। कानपुर के डिविजनल कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने भी इस पर चिंता जाहिर की कि, 900 करोड़ रुपये में बिछाई गई जल निगम की सीवेज और पेयजल लाइनों में गड़बड़ियां हैं। उन्होंने कहा कि, जल निगम ही इस समस्या का दीर्घकालीन हल निकालेगा। यह बातें उन्होंने जल निगम के अध्यक्ष और एमडी के सामने कहीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, कभी गंगा में 140 एमएलडी सीवेज उड़ेलने वाले सीसामऊ नाले की टैपिंग में गड़बड़ है। इससे शहर में जलभराव बड़ी मुश्किल बन गया है।

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बता दें कि, कानपुर में गंगा सफाई के नाम पर सरकारी एजेंसियों ने दो—तीन साल बड़े पैमाने पर काम किया है। कुंभ मेला शुरू होने से पहले जल निगम ने औपचारिक रूप से सीसामऊ नाला बंद होने का ऐलान कर दिया था। इसके साथ ही चमड़ा टैनरियों को भी अनिश्चितकाल के लिए बंद किया गया था। वहीं, जुलाई से अब तक कानपुर में 250 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो चुकी है। पहले हफ्ते की बारिश में ही शहर पूरी तरह से जलमग्न हो गया। शहर के जलमग्न होते ही जल निगम के अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गईं।

आनन—फानन में टैप किए गए सभी नाले खोल दिए गए। जल निकासी के बाद इसकी जांच शुरू हुई तो सामने आया कि सीसामऊ नाले के डायवर्जन समेत कई कामों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। जल निगम की सीवेज और पानी की लाइनें फटने से सड़कों पर विशालकाय गड्ढे हो रहे हैं। बता दें कि, बीते दिनों चमड़ा कारोबारियों ने साफ कहा था कि सीसामऊ नाले की टैपिंग में गड़बड़ियां हैं। खुद को बचाने के लिए जल निगम के अधिकारियों ने टैनरियों को निशाना बनाया और सीवेज को टैनरी के चैनल में दिखा टैनरियां खुलने नहीं दीं।

काम के नाम पर जल निगम ने किया खेल!
बैठक में कमिश्नर ने साफ कहा कि, 900 करोड़ रुपये की लागत वाली पाइप लाइनों में जगह-जगह डिफेक्ट हैं। सीसामऊ नाले की टैपिंग में गड़बड़ी हुई है। इस कारण बारिश होते ही जलभराव बड़ी मुश्किल बन गया है। जलभराव से मुक्ति के लिए जल निगम को तुरंत व्यवस्था करनी चाहिए। वीआईपी रोड पर रिवर साइड पावर हाउस के करीब 200 मीटर लंबे नाले और स्थाई पंप हाउस पर तुरंत काम किया जाए।

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