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कानपुर देहात : जालसाजों की फर्जी शिकायत में फंसी एसडीएम नीलिमा यादव, अब ईंट भट्टा मालिकों से हुई गबन की FIR नहीं दर्ज कर रही पुलिस

कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील की एसडीएम नीलिमा यादव के मोबाइल नंबर पर बीते 4 जनवरी एक फर्जी व्यक्ति अनिल कुमार गौतम मोबाइल नंबर 6395 322 114 अपने आपको राष्ट्रीय एससी एसटी आयोग लखनऊ का पदाधिकारी बताकर पनियामऊ में भोगनीपुर में 46 मजदूरों को बंधक बनाए जाने की शिकायत करता है।

By संतोष सिंह 
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पुखरायां । कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील की एसडीएम नीलिमा यादव के मोबाइल नंबर पर बीते 4 जनवरी एक फर्जी व्यक्ति अनिल कुमार गौतम मोबाइल नंबर 6395 322 114 अपने आपको राष्ट्रीय एससी एसटी आयोग लखनऊ का पदाधिकारी बताकर पनियामऊ में भोगनीपुर में 46 मजदूरों को बंधक बनाए जाने की शिकायत करता है। इस शिकायत के सत्यता परखे बगैर एसडीएम नीलिमा यादव ने सरकारी अमला लेकर बिना किसी जांच के मजदूरों को घर भिजवा दिया, जबकि भट्ठा एसोसिएशन बार-बार एसडीएम को मामले की पड़ताल करने की मांग कर रहा था, लेकिन एसडीएम ने किसी एक की न सुनी।

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​बता दें कि इससे पहले कानपुर देहात जिले के कई भट्ठों पर ठीक इसी तरह की जालसाजी हो चुकी है। यह मामला भोगनीपुर की एसडीएम नीलिमा यादव के संज्ञान में लाया गया। पीड़ित भट्ठा मालिकों ने बताया कि ये जालसाज पहले मोटी रकम एडवांस में लेकर भट्टे पर भेज लेबर भेज देते हैं। इसके बाद भट्टे पर मजदूर पहुंचने के दो-चार दिन बाद एक फर्जी शिकायत मानवाधिकार विभाग या एसटी एससी आयोग का नाम लेकर मजदूरों के बंधक बनाए जाने की सूचना देते हैं।

इसके बाद प्रशासन इन शिकायतों की सत्यता परखे बगैर मजदूरों के आसानी से घर भिजवा देता है। इसके साथ ही उनके रास्ते खाने-पीने का पैसा दिलवाकर घर भिजवा देता है। बता दें कि बीते 15 दिनों में भोगनीपुर, मूसानगर, राजपुर को मिलाकर अभी 5 भट्ठा मालिको को लूटा जा चुका है।

भट्ठा मालिकों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही से जालसाज अब 60-70 लाख रुपए का चूना हम लोगों को लगा चुके हैं। जिला प्रशासन की लापरवाही से भट्ठा मालिकों में काफी आक्रोश है। जबकि उनकी शिकायत प्रशासन द्वारा पंजीकृत नहीं की जा रही है। जालसाजों का यह नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश की नहीं , राजस्थान व पंजाब में भी सक्रिय है । भट्ठा मालिकों का कहना है कि अगर सरकार ने समय रहते संज्ञान लिया होता तो पैसे बरामद किया जा सकता था। इसके अलावा जालसाजों को पकड़ा जा सकता था, लेकिन एसडीएम के आगे किसी एक की न चली। जब भट्ठा मालिक डीके सिंह के उक्त मोबाइल नंबर 6395 322 114 पर बात की गई तो वह व्यक्ति कोई तथ्यपरक जबाव नहीं दे पाया। इसके उपरोक्त नंबर पर बात किए फर्जी होने का खुलासा होने बाद नंबर बंद जा रहा है। क्या प्रशासन इस पैसे को लेकर वसूली कर पूरी जालसाज टीम पकड़ेगी। इस पर विश्वास कर पाना संदेहात्मक है क्योंकि पुलिस तो शिकायत पंजीकृत कर नहीं रहे क्योंकि उनका कहना है उच्चाधिकारियों से बात करके ही मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने जालसाजों पर सख्त एक्शन लिये जाने की बात कही ,भट्टा एसोसिएशन  हर संभव मदद का आश्वासन दिया

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भोगनीपुर ईंट भट्टा एसोसिएशन ने इस जालसाजी की शिकायत व जिला प्रशासन की उदासीनता को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान (Rakesh Sachan) से शिकायत की। तो उन्होंने तुरंत मामले में तत्परता दिखाते हुए जिला प्रशासन के आलाधिकारियों से बात की। इसके साथ ही प्रशासन से कहा कि इस मामले की तह तक जाए। इसके अलावा जाससाजों पर सख्त एक्शन लिया जाए। उन्होंने भट्टा एसोसिएशन को सरकार से तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

भट्टा एसोसिएशन के अध्यक्ष अन्नू बंसल ने सीओ तनु उपाध्याय को शिकायती पत्र दिया

ईंट भट्टा प्रबंधक ने ठेकेदार व मजदूरों पर लाखों रुपये का गबन करने का आरोप लगाया है। भट्ठा एसोसिएशन के नेतृत्व में सीओ को प्रार्थना पत्र दिया है। देवराहट के पनियामऊ गांव के निकट स्थित ईंट भट्टा के प्रबंधक धीरेंद्र कुमार ने बताया कि भट्ठे में बालश्रम व मजदूरों को बंधक बनाने की गलत सूचना देकर मजदूर व ठेकेदार ने जालसाजी कर लाखों रुपये का गबन किया गया है। सूचना पर उनकी बात सुने बिना सभी मजदूरों को घर भेज दिया गया। बता दें कि शनिवार को भोगनीपुर एसोसिएशन के अध्यक्ष अन्नू बंसल की अगुवाई में सीओ तनु उपाध्याय को शिकायती पत्र दिया है। इस मौके पर अनुभव अग्रवाल मौजूद रहे।

पीड़ित भट्ठा मालिकों के नाम

जय बाला जी भट्ठा प्रोपराइटर प्रदीप, जय कामतानाथ ब्रिकफील्ड प्रोपराइटर नरेंद्र अवस्थी, चंद्रा ब्रिकफील्ड प्रोपराइटर सौरव सचिन, सोनी ब्रिक फील्ड प्रोपराइटर विजय सोनी, श्री मंगल मूर्ति ईट उद्योग पनिया मऊ प्रोपराइटर धीरेंद्र कुमार सिंह इस जालसाजों के शिकार हो चुके हैं।

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