कानपुर एनकाउंटर: कुख्यात अपराधी विकास दुबे का अभी तक नहीं लगा सुराग, नेपाल भागने की आशंका पर अलर्ट हुई पुलिस

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कानपुर। कानपुर एनकाउंटर का सूत्रधार कुख्यात अपराधी विकास दुबे का वारदात के बाद से अब तक पता नहीं चल सका है। पुलिस की 20 टीमें लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही है लेकिन उसका पता नहीं चल सका है। वहीं, पुलिस की टीमें लगातार उसके परिचितों और रिश्तेदारों के छापेमारी कर उनसे पूछताछ करने में जुटी है।

Kanpur Encounter Not Yet Found Clue Of Notorious Criminal Vikas Dubey Police Alerted On The Possibility Of Fleeing Nepal :

सूत्रों की माने तो पुलिस इस मामले में अभी तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों की माने तो पुलिस को आशंका है कि विकास दुबे नेपाल भाग सकता है, जिसको लेकर नेपाल बॉर्डर पर सख्ती की गयी है। वहीं, पुलिस जिन लोगों से पूछताछ कर रही है, उन्हें मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर उठाया है।

दरअसल, इन लोगों से विकास दुबे की घटना से पहले 24 घंटों में बातचीत हुई थी। हैरानी की बात है कि विकास के कॉल डिटेल में कुछ पुलिसवालों के नंबर भी हैं। सूत्रों की माने तो पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि एक दरोगा ने विकास दुबे को छापेमारी की जानकारी दी थी, जिसके बाद वह अपने साथियों के साथ अलर्ट हो गया था।

वहीं, शक के घेरे में एक दारोगा, एक सिपाही और एक होमगार्ड है। तीनों की कॉल डिटेल के आधार पर उनसे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों की माने तो विकास दुबे की कॉल डिटेल में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। जांच में विकास और कई पुलिसकर्मियों के बीच बातचीत का भी खुलासा हुआ है।

इसमें एसओ चौबेपुर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गयी है। जानकारी के मुताबिक एसओ विनय कुमार 1 जुलाई को शिकायतकर्ता राहुल तिवारी के साथ विकास दुबे के घर गया था। जहां विकास ने न सिर्फ़ राहुल तिवारी की जूतों से पिटाई की थी बल्कि एसओ के साथ भी हाथापाई की थी। इन लोगों के फोन भी छीन लिए गए थे। लेकिन एसओ ने ये बात अपने आला अधिकारियों को नहीं बताई।

 

कानपुर। कानपुर एनकाउंटर का सूत्रधार कुख्यात अपराधी विकास दुबे का वारदात के बाद से अब तक पता नहीं चल सका है। पुलिस की 20 टीमें लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही है लेकिन उसका पता नहीं चल सका है। वहीं, पुलिस की टीमें लगातार उसके परिचितों और रिश्तेदारों के छापेमारी कर उनसे पूछताछ करने में जुटी है। सूत्रों की माने तो पुलिस इस मामले में अभी तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों की माने तो पुलिस को आशंका है कि विकास दुबे नेपाल भाग सकता है, जिसको लेकर नेपाल बॉर्डर पर सख्ती की गयी है। वहीं, पुलिस जिन लोगों से पूछताछ कर रही है, उन्हें मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर उठाया है। दरअसल, इन लोगों से विकास दुबे की घटना से पहले 24 घंटों में बातचीत हुई थी। हैरानी की बात है कि विकास के कॉल डिटेल में कुछ पुलिसवालों के नंबर भी हैं। सूत्रों की माने तो पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि एक दरोगा ने विकास दुबे को छापेमारी की जानकारी दी थी, जिसके बाद वह अपने साथियों के साथ अलर्ट हो गया था। वहीं, शक के घेरे में एक दारोगा, एक सिपाही और एक होमगार्ड है। तीनों की कॉल डिटेल के आधार पर उनसे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों की माने तो विकास दुबे की कॉल डिटेल में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। जांच में विकास और कई पुलिसकर्मियों के बीच बातचीत का भी खुलासा हुआ है। इसमें एसओ चौबेपुर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गयी है। जानकारी के मुताबिक एसओ विनय कुमार 1 जुलाई को शिकायतकर्ता राहुल तिवारी के साथ विकास दुबे के घर गया था। जहां विकास ने न सिर्फ़ राहुल तिवारी की जूतों से पिटाई की थी बल्कि एसओ के साथ भी हाथापाई की थी। इन लोगों के फोन भी छीन लिए गए थे। लेकिन एसओ ने ये बात अपने आला अधिकारियों को नहीं बताई।