कानपुर एनकाउंटर: चौबेपुर एसओ विनय तिवारी मुखबरी के संदेह में सस्पेंड, एसटीएफ कर रही जांच

vikesh dube
कानपुर एनकाउंटर: औरेया बाईपास पर मिली लावारिस कार, इससे हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की आशंका

कानपुर। कानपुर एनकाउंटर मामले में पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी है। एसटीएफ और पुलिस की दर्जनों टीमें उसकी खाक छान रहीं हैं। विकास दुबे के नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए बॉर्डर पर सख्ती शुरू कर दी गयी है। वहीं पूरे मामले में चौबेपुर एसओ विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध पाई गयी है, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

Kanpur Encounter Suspended In Suspicion Of Choubepur So Vinay Tiwari Mukhbiri Stf Is Investigating :

इसके अलावा मुखबिरी करने के मामले में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आईजी मोहित अग्रवाल का कहना है कि यदि किसी की भी इस मामले में संलिप्तता पाई गई तो उसकी बर्खास्तगी होगी और उसको गिरफ्तार किया जायेगा। वहीं, बताया जा रहा है कि पीड़ित राहुल तिवारी के साथ भी विकास दुबे ने मारपीट की थी।

विकास दुबे पर पीड़ित राहुल तिवारी ने जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया था। लेकिन जानलेवा हमले की एफआईआर दर्ज करने के बजाए एसओ चौबेपुर विनय तिवारी विकास दुबे के यहां समझौता कराने पहुंचे थे। इस दौरान राहुल तिवारी को पीटने के साथ एसओ विनय तिवारी को भी विकास ने बेइज्जत किया था।

यही नहीं बताया जा रहा है कि देर रात विकास दुबे की गिरफ्तारी को दबिश देने गई टीम में एसओ चौबेपुर सबसे पीछे थे।एसओ चौबेपुर की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद आईजी ने उन्हें निलंबित करने का फरमान सुना दिया है।

कानपुर। कानपुर एनकाउंटर मामले में पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी है। एसटीएफ और पुलिस की दर्जनों टीमें उसकी खाक छान रहीं हैं। विकास दुबे के नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए बॉर्डर पर सख्ती शुरू कर दी गयी है। वहीं पूरे मामले में चौबेपुर एसओ विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध पाई गयी है, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा मुखबिरी करने के मामले में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आईजी मोहित अग्रवाल का कहना है कि यदि किसी की भी इस मामले में संलिप्तता पाई गई तो उसकी बर्खास्तगी होगी और उसको गिरफ्तार किया जायेगा। वहीं, बताया जा रहा है कि पीड़ित राहुल तिवारी के साथ भी विकास दुबे ने मारपीट की थी। विकास दुबे पर पीड़ित राहुल तिवारी ने जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया था। लेकिन जानलेवा हमले की एफआईआर दर्ज करने के बजाए एसओ चौबेपुर विनय तिवारी विकास दुबे के यहां समझौता कराने पहुंचे थे। इस दौरान राहुल तिवारी को पीटने के साथ एसओ विनय तिवारी को भी विकास ने बेइज्जत किया था। यही नहीं बताया जा रहा है कि देर रात विकास दुबे की गिरफ्तारी को दबिश देने गई टीम में एसओ चौबेपुर सबसे पीछे थे।एसओ चौबेपुर की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद आईजी ने उन्हें निलंबित करने का फरमान सुना दिया है।