कानपुर रेल दुर्घटना: GRP ने रेल कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

कानपुर: कानपुर रेल दुर्घटना के मामले में केन्द्र व राज्य सरकारों के बीच पाला खिंचने के आसार बनने लगे हैं। राज्य सरकार के नियन्त्रण वाली जीआरपी ने 149 यात्रियों की मौत के लिये रेल अधिकारियों व कर्मचारियों को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ आपराधिक कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस मुकदमे की तफ्तीश रेल मंत्रालय की जाॅच के इतर अलग से होगी।




यूपी सरकार की नजर में इन्दौर पटना एक्सप्रेस किसी यान्त्रिक गड़बड़ी से नहीं बल्कि मानवीय लापरवाही के चलते हुई थी। यही वजह है कि राज्य के प्रमुख गृह सचिव के निर्देश पर भीमसेन स्टेशन के जीआरपी थाने में अज्ञात रेल अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया है। जीआरपी थाने के प्रभारी इन्सपेक्टर अर्जुन सिंह ने खुद वादी बनकर एफआईआर दर्ज की है। इसमें इण्डियन पीनल कोड की दफाऐं 337 338 427 304-A और रेलवे एक्ट की धाराऐं 151 व 554 लगायी गयी हैं। दफा 304-A के तहत लापरवाही से गाड़ी चलाकर किसी की जान ले लेने का मामला बनता है।

चॅूकि इस मामले में रेलवे के बड़े अधिकारी भी फॅस सकते हैं, इस बात को ध्यान में रखकर पुलिस के गजटेड अफसर शरद प्रताप सिंह जाॅच अधिकारी बनाये गये हैं। जीआरपी के अनुसार इस मुकदमें की जाॅच अलग से की जायगी। रेलवे की जाॅच से इसका कोई सम्बन्ध नहीं होगा और अपनी विवेचना के आधार पर रेलवे पुलिस दोषियों को गिरफ्तार भी करेगी।​