कानपुर: दुष्कर्म पीड़िता की मां की हत्या के बाद जागी पुलिस, दो आरोपियों को दबोचा

Kanpur rape case
कानपुर: दुष्कर्म पीड़िता की मां की हत्या के बाद जागी पुलिस, दो आरोपियों को दबोचा

कानपुर। कानपुर के चकेरी में नाबालिग से दुष्कर्म का प्रयास करने वालों को सजा दिलाने की पैरवी कर रही पीड़िता की मां का हैलट अस्पताल में निधन हो गया। इसके बाद होश में आई चकेरी पुलिस ने दो आरोपितों को मुठभेड़ में देर रात दबोच लिया। जबकि अभी भी सात आरोपी फरार चल रहे हैं। मृतका अपनी बेटी के साथ हुई दरिंदगी की चश्मदीद गवाह थी। मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने के लिए अरोपियों ने नौ जनवरी को घर में घुसकर उसे चापड़ मारकर मरणासन्न कर दिया था। इस हमले में दुष्कर्म पीड़िता की मौसी भी गंभीर रूप से घायल हुई थी।

Kanpur Police Wake Up After Murder Of Rape Victims Mother Arrested Two Accused :

नौ दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही महिला ने शुक्रवार को कानपुर के हैलट अस्पताल में दम तोड़ दिया। बता दें कि जाजमऊ भठ्ठा के एक साइकिल दुकानदार की नाबालिग बेटी से दो साल पहले दुष्कर्म का प्रयास हुआ था।जाजमऊ निवासी साइकिल दुकानदार की नाबालिग बेटी से 2018 में क्षेत्र के दबंगों महफूज, आबिद, परवेज उर्फ मिंटू और महबूब ने सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया था। पीड़िता की मां ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

मुकदमा वापस नहीं लेने पर आरोपितों ने 9 जनवरी को घर पर हमला बोल दिया था। पीड़िता की मां और मौसी जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हो गईं थी। इलाज के दौरान पीड़िता की मां की मौत हो गई। जो एफआईआर में वादी होने के साथ ही मुख्य गवाह भी थी। शनिवार भोर में चकेरी पुलिस ने पुरानी चुंगी जाजमऊ के 150 फिट रोड के पास रेप का प्रयास व पीड़िता की मां के हत्यारोपित परवेज उर्फ मिंटू और मोहम्मद आबिद से मुठभेड़ में दबोच लिया। दोनों आरोपितों के पैर में गोली लग गयी। पुलिस ने दोनों को कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया है। चकेरी इंस्पेक्टर रणजीत राय ने बताया कि आरोपियों के पास से दो तमंचे व तीन कारतूस भी मिले हैं।

कानपुर। कानपुर के चकेरी में नाबालिग से दुष्कर्म का प्रयास करने वालों को सजा दिलाने की पैरवी कर रही पीड़िता की मां का हैलट अस्पताल में निधन हो गया। इसके बाद होश में आई चकेरी पुलिस ने दो आरोपितों को मुठभेड़ में देर रात दबोच लिया। जबकि अभी भी सात आरोपी फरार चल रहे हैं। मृतका अपनी बेटी के साथ हुई दरिंदगी की चश्मदीद गवाह थी। मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने के लिए अरोपियों ने नौ जनवरी को घर में घुसकर उसे चापड़ मारकर मरणासन्न कर दिया था। इस हमले में दुष्कर्म पीड़िता की मौसी भी गंभीर रूप से घायल हुई थी। नौ दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही महिला ने शुक्रवार को कानपुर के हैलट अस्पताल में दम तोड़ दिया। बता दें कि जाजमऊ भठ्ठा के एक साइकिल दुकानदार की नाबालिग बेटी से दो साल पहले दुष्कर्म का प्रयास हुआ था।जाजमऊ निवासी साइकिल दुकानदार की नाबालिग बेटी से 2018 में क्षेत्र के दबंगों महफूज, आबिद, परवेज उर्फ मिंटू और महबूब ने सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया था। पीड़िता की मां ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमा वापस नहीं लेने पर आरोपितों ने 9 जनवरी को घर पर हमला बोल दिया था। पीड़िता की मां और मौसी जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हो गईं थी। इलाज के दौरान पीड़िता की मां की मौत हो गई। जो एफआईआर में वादी होने के साथ ही मुख्य गवाह भी थी। शनिवार भोर में चकेरी पुलिस ने पुरानी चुंगी जाजमऊ के 150 फिट रोड के पास रेप का प्रयास व पीड़िता की मां के हत्यारोपित परवेज उर्फ मिंटू और मोहम्मद आबिद से मुठभेड़ में दबोच लिया। दोनों आरोपितों के पैर में गोली लग गयी। पुलिस ने दोनों को कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया है। चकेरी इंस्पेक्टर रणजीत राय ने बताया कि आरोपियों के पास से दो तमंचे व तीन कारतूस भी मिले हैं।