कपिल मिश्रा को मिली विश्वास का साथ देने की सजा, मंत्री पद से छुट्टी

नई दिल्ली। दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं है। जिसकी बानगी आज फिर उस समय देखने को मिली जब पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने अपनी कैबिनेट के तेजतर्रार युवा मंत्री कपिल मिश्रा को अपनी ​कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। कपिल मिश्रा दिल्ली सरकार के पर्यटन और जल संसाधन विभाग के मंत्री हुआ करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि कपिल मिश्रा ने हाल ही में कुमार विश्वास और अमानतुल्ला के बीच हुए विवाद में कुमार विश्वास को समर्थन ​दिया था बल्कि अमानतुल्ला को पार्टी से बाहर करने की बात कही थी।




मिली जानकारी के मुताबिक कपिल मिश्रा की छुट्टी की घोषणा डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने करते हुए जानकारी दी कि केजरीवाल कैबिनेट में कैलाश गहलोत और राजेन्द्र पाल गौतम को नई एंट्री मिली है। सिसोदिया ने मिश्रा को मंत्री पद से हटाने की वजह बताते हुए कहा कि कपिल मिश्रा ने मंत्री रहते बहुत प्रयास किए इसके बावजूद दिल्ली में पानी का प्रबंधन ठीक नहीं हो पाया। जिस वजह से उन्हें पद से हटाया गया है।

स्वयं को मंत्री पद से हटाए जाने प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि वह रविवार को पार्टी के कुछ नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार का सुबूत के साथ खुलासा करेंगे।

इसके साथ ही कपिल मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार का कोई निर्णय न तो कैबिनेट ने लिया है और नहीं पीएसी ने ना ही उन्हें इस निर्णय के बारे में कोई जानकारी है। अगर ऐसा कोई फैसला हुआ है तो यह सीएम अरविन्द केजरीवाल का व्यक्तिगत निर्णय है।




पार्टी के जुड़े सूत्रों की माने तो कपिल मिश्रा की मंत्री पद से छुट्टी होने के बाद पार्टी के भीतर रार का दूसरा राउंड शुरू हो सकता है। ऐसा कहा जा रहा है कि कपिल मिश्रा और कुमार विश्वास पार्टी के भीतर ब्राह्मणवादी गुट को तैयार करने में ​संलिप्त थे। दिल्ली सरकार में कपिल मिश्रा के कद को घटाने के पीछे उस गुट को कमजोर करने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है। वहीं दिल्ली सरकार के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि कपिल मिश्रा ने कुछ बिल जमा किए गए थे। जो जांच में सही नहीं पाए गए हैं। जिस वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।

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