1. हिन्दी समाचार
  2. जल्द आने का वादा कर दुल्हन को लाल जोड़े में छोड़ सरहद पर गए थे विजय, तिरंगे में लिपटकर आया था शव

जल्द आने का वादा कर दुल्हन को लाल जोड़े में छोड़ सरहद पर गए थे विजय, तिरंगे में लिपटकर आया था शव

Kargil Diwas 2019 Story Of Shaheed Vijay Singh Bhandari

By आस्था सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। हाथों पर लगी सुर्ख मेंहदी का रंग फिका भी नहीं पड़ा था। पायलों की झनकार और चूडियों की खनक पूरे घर में खुशियां फैला रहीं थीं। शादी के महज दस दिन हुए थे। तभी पति की छुट्टियां रद्द कर उन्हें सीमा पर बुला लिया गया। इधर, पत्नी सेना की वर्दी में पति की फोटो देख उनके लौटने का इंतजार करने लगी। एक दो दिन बीतते ही इंतजार लंबा होने लगा। लेकिन कुछ दिन में ही उसके पति लौटे वह भी तिरंगे में लिपटे हुए। कारगिल युद्ध में वह हंसते-हंसते वीरगति को प्राप्त हो गए थे। जिनकी वीरता, पराक्रम व शौर्य पर हम सभी को गर्व है। हम बात कर रहे हैं, 17 गढ़वाल बटालियन में तैनात शहीद विजय सिंह भंडारी की, जो शादी के दस दिन बाद ही कारगील युद्ध के लिए चले गए थे।

पढ़ें :- 24 अक्टूबर का राशिफल: वृश्चिक राशि वालों की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत, जानिए बाकी राशिफल का हाल

शहीद विजय सिंह भंडारी के बारे में….

मात्र 25 साल की उम्र में ही कारगिल युद्ध के दौरान विजय सिंह भण्डारी शहीद हो गए थे। 21 की उम्र में विजय सेना में भर्ती हुए थे उनसे पहले उनके पिता भी सेना में ही थे। हालांकि विजय के निधन के कुछ साल बाद वर्ष 2006 में उनके पिता का भी निधन हो गया था। जिसके बाद से श्यामपुर, प्रेमनगर स्थित शहीद विजय के घर में उनकी मां तीन बेटियों की शादी के बाद से अकेले ही रहती हैं।

शादी के 10 दिन बाद ही युद्ध के लिए जाना पड़ा

विजय सिंह भंडारी अपनी शादी के लिए 2 महीने की छुट्टी लेकर आए थे यही मौका था उनका अपने परिवार के साथ वक्त बिताने का लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। विजय अपनी शादी के बाद मात्र 10 दिन ही घर पर रह पाए थे। जिसके बाद कारगिल युद्ध होने के कारण विजय की छुट्टी निरस्त कर उन्हें बुला लिया गया जिसके बाद विजय अपनी नई नवेली दुल्हन से जल्द आने के साथ ही कई और वादे कर चले गए जिसके बाद वो कभी लौट कर नहीं आए।

पढ़ें :- आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान को बड़ा झटका, FATF ने ग्रे लिस्ट में रखा बरकरार

अभी तक नहीं बना शहीद स्मारक

प्रमेनगर तिराहे में बने शहीद विजय सिंह भंडारी के स्मारक को 18 सितंबर को चले अतिक्रमण हटाओं अभियान में तोड़े दिया गया। जिसके बाद परिजनों ने कारगिल शहीद विजय सिंह भंडारी के स्मारक को फिर से बनाने की मांग प्रशासन से की लेकिन अभीतक उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...