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कार्तिक पूर्णिमा 2021: कार्तिक पूर्णिमा के दिन यज्ञ और उपासना आदि का अनंत फल मिलता है, खुलता है मोक्ष का द्वार

परम पुनीत पर्व कार्तिक पूर्णिमा 19 नवंबर यानी शुक्रवार को है। पौराणिक रूप से कार्तिक पूर्णिमा का बहुत ही महत्व है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

कार्तिक पूर्णिमा 2021 : परम पुनीत पर्व कार्तिक पूर्णिमा 19 नवंबर यानी शुक्रवार को है। पौराणिक रूप से कार्तिक पूर्णिमा का बहुत ही महत्व है। स्नान, दान,अनुष्ठाान ,जप, तप, योग, दीपदान, देव दिवाली, जैसे पुनीत कार्यो का ये बहुत ही पुनीत दिन है। कार्तिक पूर्णिमा कृतिका नक्षत्र से युक्त होती है तो ये महाकार्तिकी पूर्णिमा कहलाती है और शास्त्रों में इसको बड़ा ही पुण्यकारी बताया गया है। संयोग की बात ये है कि इस बार कार्तिक पूर्णिमा के दिन कृतिका नक्षत्र भी है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के धर्म-कर्म और मोक्ष का मार्ग मिलता है।

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कार्तिक पूर्णिमा का मुहूर्त
कार्तिक पूर्णिमा 2021: 19 नवंबर, 2021 (शुक्रवार)

व्रत मुहूर्त
पूर्णिमा आरंभः 18 नवंबर 2021 (दोपहर 12:02 बजे)
पूर्णिमा समाप्तः 19 नवंबर 2021 (दोपहर बाद 14:29 बजे)

गणेशजी की पूजा,शिवजी और विष्णु भगवान की पूजा के साथ, भगवान सत्यनारायण की पूजा का विशेष महत्व है इस दिन। इस दिन तीर्थ पूजा, गंगा पूजा, विष्णु पूजा, लक्ष्मी पूजा और यज्ञ-हवन का भी महत्व है। इसमें किए स्नान, दान, होम, यज्ञ और उपासना आदि का अनंत फल होता है। इस दिन तुलसी के सामने दीपक जरूर जलाएं।

इस दिन उपवास कर भगवान का स्मरण, चिंतन से अग्निष्टोम यज्ञ के समान फल मिलता है और सूर्यलोक की प्राप्ति होती है। कार्तिकी पूर्णिमा से शुरू कर हर पूर्णिमा को रात्रि में व्रत और जागरण से मनोरथ सिद्ध होते हैं।

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