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तो इसलिए करवा चौथ के दिन छलनी से चांद देखती हैं सुहागिन महिलाएं

By आस्था सिंह 
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Karva Chauth 2019 Why Do Women Look At The Moon Through A Sieve

लखनऊ। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। इस व्रत की एक खास परंपरा है कि महिलाएं छलनी से चांद देखकर व्रत का पारण करती हैं। यह व्रत सुख-सौभाग्य, दांपतत्य जीवन में प्रेम बरकरार रखता है और रोग, शोक व संकट का निवारण करता है। दरअसल, इस व्रत में छलनी का महत्व इसलिए है, क्योंकि कथा के अनुसार छलनी के कारण ही एक पतिव्रता स्त्री का व्रत टूटा था।

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करवाचौथ में छलनी से देखने के महत्त्व के पीछे एक पौराणिक कथा है। कथा के अनुसार, एक बार एक सुहागिन स्त्री ने पहली बार अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था। सुबह से शाम हो गई उस स्त्री ने कुछ खाया-पिया नहीं था। उसके भाइयों से देखा नहीं गया और स्त्रेहवश भोजन कराने के लिए छल से चांद की बजाय छलनी की ओट में दीपक दिखाकर भोजन करवा दिया। इस तरह उसका व्रत भंग हो गया। इसके पश्चात उसने पूरे साल चतुर्थी का व्रत किया और जब पुन: करवा चौथ आई तो उसने विधिपूर्वक व्रत किया और उसे सौभाग्य की प्राप्त हुई। उस करवा चौथ पर उसने हाथ में छलनी लेकर चांद के दर्शन किए।

छलनी का एक रहस्य यह भी है कि कोई छल से उनका व्रत भंग न कर दे, इसलिए छलनी के जरिए बहुत बारीकी से चंद्रमा को देखने के बाद ही व्रत खोला जाता है। करवा चौथ का व्रत करने के लिए इस दिन व्रत की कथा सुननी चाहिए। उस समय एक चौकी पर जल का लोटा, करवे में गेहूं और उसके ढक्कन में चीनी-रूपए आदि रखने चाहिए। पूजन में रोली, चावल, गु़ड आदि सामग्री भी रखें। फिर लोटे व करवे पर स्वस्तिक बनाएं। दोनों पर तेरह बिंदियां लगाएं। गेहूं के तेरह दाने हाथ में लेकर कथा सुनें। इसके बाद अपनी सासू मां के चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद लें और भेंट दें। चंद्रमा उदय होने के बाद उसी लोटे के जल तथा गेहूं के तेरह दाने लेकर अर्घ्य दें। रोली, चावल और गु़ड चढ़ाएं। सभी रस्में पूरी होने के बाद भोजन ग्रहण करें।

करवा का अर्थ

करवाचौथ में सबसे अहम करवा होता है। करवा का अर्थ होता है मिट्टी का बर्तन। इस व्रत में सुहागिन स्त्रियां करवा की पूजा करके करवा माता से प्रार्थना करती है कि उनका प्रेम अटूट हो। पति-पत्नी के बीच विश्वास का कच्चा धागा कमजोर न हो पाए। इसके लिए मिट्टी के बरतन को प्रतीक चिन्ह के रूप में प्रयोग किया जाता है, क्योंकि मिट्टी के बर्तन को ठोकर लग जाए तो चकनाचूर हो जाता है, फिर जुड़ नहीं पाता है। इसलिए हमेशा यह प्रयास बनाए रखना चाहिए कि पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास को ठेस नहीं पहुंचे।

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