कश्मीर: पत्थरबाजों पर सियासत सही या गलत…

लखनऊ। अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर कश्मीर के दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे है। जहां पहली वीडियो में कुछ अराजक तत्व सीआरपीएफ़ जवानों पर हमला करते दिख रहे है वहीं दूसरी वीडियो में देखने को मिल रहा है कि सेना की जीप के बोनट पर एक स्थानीय युवक को बांध कर घुमाया जा रहा है। जहां एक तरह सीआरपीएफ़ जवानों पर हमले वाली वीडियो आने के बाद देश भर में कश्मीर के पत्थरबाजों को सबक सिखाने की मांग तेज हो गयी थी वहीं जब दूसरी वीडियो वायरल हुई तो देश के कई दिग्गजों ने इसे गलत ठहराया।



गौरतलब है कि पिछले कई दिनों कश्मीर से एक के बाद एक वीडियो वायरल हो रहे हैं। बडगाम में कुछ कश्मीरी युवकों द्वारा सीआरपीएफ के जवानों को पीटे जाने के वीडियो के बाद शुक्रवार को एक नया वीडियो आया है जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर किया जिसमें सेना की जीप के बोनट पर एक युवक को बांधकर ले जाया जा रहा है।




इस वीडियो में जो व्यक्ति सेना की जीप के आगे बंधा है वो 26 वर्षीय फारूक अहमद धर है उसने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि उसने अपने जीवन में कभी पत्थरबाजी नहीं की और वो पत्थर चलाने वालों में से नहीं है बल्कि वो तो कश्मीर में कुछ छोटे-मोटे काम करता था।



सवाल यह उठता है कि आखिर कैसे कश्मीर के मनचले युवकों को सबक सिखाया जाए, सेना वर्षों से वहाँ हो रहे अत्याचार को धैर्यपूर्वक सह रही है लेकिन क्या इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार की कोई ज़िम्मेदारी नहीं बनती।