कश्मीर मसला: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पेशकश पर भारत की दो टूक , तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं

foreign Ministry
कश्मीर मसला: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की पेशकश पर भारत की दो टूक , तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कश्मीर मुद्दा मसले पर मध्यस्तता की पेशकश पर भारत सरकार ने दो टूक जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके कहा है कि कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष की कोई आवश्यकता नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि कश्मीर मुद्दे व उसकी मध्यस्थता को लेकर हमारा स्टैंड पूरी तरह से स्पष्ट है। मैं एक बार फिर से दोहराता हूं कि इस मामले में किसी भी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका की जरूरत नहीं है।

Kashmir India Bluntly On Us President Trumps Offer No Third Party Required :

इससे पहले ट्रंप की पेशकश पर सरकार के सूत्रों ने बुधवार को कहा था कि कश्मीर मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष की किसी भी भूमिका की कोई गुंजाइश नहीं है। भारत का लंबे समय से रुख रहा है कि कश्मीर का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है। इसमें किसी तीसरे पक्ष द्वारा मध्यस्थता या हस्तक्षेप का कोई प्रश्न नहीं उठता।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावोस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि अमेरिका कश्मीर के मुद्दे से जुड़े घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है। उन्होंने इस विवाद को सुलझाने में मदद की पेशकश दोहराई थी।

बता दें कि बीते पांच महीने में ट्रंप की ओर से कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए दोनों देशों की मदद की यह चौथी पेशकश है। भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि हमारा का स्पष्ट और सतत रुख रहा है। कश्मीर पर किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति फरवरी में भारत का दौरा कर सकते हैं।

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कश्मीर मुद्दा मसले पर मध्यस्तता की पेशकश पर भारत सरकार ने दो टूक जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके कहा है कि कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष की कोई आवश्यकता नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि कश्मीर मुद्दे व उसकी मध्यस्थता को लेकर हमारा स्टैंड पूरी तरह से स्पष्ट है। मैं एक बार फिर से दोहराता हूं कि इस मामले में किसी भी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका की जरूरत नहीं है। इससे पहले ट्रंप की पेशकश पर सरकार के सूत्रों ने बुधवार को कहा था कि कश्मीर मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष की किसी भी भूमिका की कोई गुंजाइश नहीं है। भारत का लंबे समय से रुख रहा है कि कश्मीर का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है। इसमें किसी तीसरे पक्ष द्वारा मध्यस्थता या हस्तक्षेप का कोई प्रश्न नहीं उठता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावोस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि अमेरिका कश्मीर के मुद्दे से जुड़े घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है। उन्होंने इस विवाद को सुलझाने में मदद की पेशकश दोहराई थी। बता दें कि बीते पांच महीने में ट्रंप की ओर से कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए दोनों देशों की मदद की यह चौथी पेशकश है। भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि हमारा का स्पष्ट और सतत रुख रहा है। कश्मीर पर किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति फरवरी में भारत का दौरा कर सकते हैं।