कश्मीर में घुसपैठ के लिए मासूम बच्चों का सहारा ले रहा है पाकिस्तान

श्रीनगर। घाटी में आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान आए दिन नये-नये तरीके इजात कर रहा है। अब एक बार फिर कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ का मामला सामने आया है। पाकिस्तान अब घुसपैठ से पहले इलाके का जायजा (रेकी) लेने के लिए नाबालिग लड़कों का इस्तेमाल कर रहा है। जम्मू के राजौरी स्थित नौशेरा सेक्टर में सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा के पास एक ऐसे ही एक किशोर को गिरफ्तार किया है।



बताया जा रहा है कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पास गश्त के दौरान 12 साल के एक घुसपैठिये को पकड़ा गया है। अशफाक अली चौहान नाम का यह किशोर बुधवार देर शाम नियंत्रण रेखा पार कर रजौरी सेक्टर के नौशेरा सेक्टर घुसा था। इस घुसपैठीये की गिरफ्तारी की पुष्टि रक्षा विभाग के प्रवक्ता लेफ्टिनेट कर्नल मनीष मेहता ने दी है। उन्होंने बताया कि अशफाक नियंत्रण रेखा के आसपास घूम रहा था। उसकी हरकतों को लेकर शक होने पर गश्ती दल ने उससे रोककर पूछताछ की, तो उसने तुरंत सरेंडर कर दिया।




अशफाक ने पूछताछ में बताया कि वह बलूच रेजिमेंट के रिटायर्ड सैनिक हुसैन मलिक का बेटा है। उसका पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भीमबेर जिले के समानी तहसील स्थित डुंगर पेल गांव का निवासी है। उन्होंने कहा, ‘ऐसी आशंका है कि आंतकियों ने पाकिस्तानी सेना की मदद से उस लड़के को नियंत्रण रेखा पार कराया, जिससे कि वह घुसपैठ के लिए आसान रास्तों की निशानदेही कर सके।’