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सरकार पर दबाव बनाने के मद्देनजर अब दिल्ली-नोएडा बार्डर जाम करेंगे किसान- राकेश टीकैत

पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों किसान कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। इस बीच किसान अब दिल्ली नोएडा बार्डर जाम करने की तैयारी में है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आज यह जानकारी दी है।

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। देश में किसान केंद्र सरकार द्वारा लाये गये नये तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले साल के नवंबर महीने से आंदोलनरत हैं। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों किसान दिल्ली की तीन सीमाओं – टीकरी, सिंघु और गाजीपुर पर पिछले साल नवंबर से तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान सरकार के मंत्रियों और किसान संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई लेकिन कोई भी निष्कर्ष निकल नहीं पाया है।

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किसान इन कानूनों को पूर्ण रुप से निरस्त करने की मांग कर रहे है लेकिन सरकार का कहना है कि कानूनों को निरस्त नहीं किया जायेगा। हां इसमे संशोधन जरुर किया जा सकता है। इस बीच किसान अब दिल्ली नोएडा बार्डर जाम करने की तैयारी में है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आज यह जानकारी दी है। टिकैत ने कहा है कि अब हम दिल्ली-नोएडा बॉर्डर को बाधित करेंगे। हालांकि कमेटी ने अभी तारीख तय नहीं किया है।

बता दें कि किसान हाल ही बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों – द प्रोड्यूसर्स ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) एक्ट, 2020, द फार्मर्स ( एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज एक्ट, 2020 और द एसेंशियल कमोडिटीज (एमेंडमेंट) एक्ट, 2020 का विरोध कर रहे हैं। केन्द्र सरकार इन तीनों नए कृषि कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे।

 

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