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Delhi Assembly : केजरीवाल सरकार ने जीता विश्वास मत, पक्ष में 59 और विपक्ष में शून्य मत पड़े

दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) में गुरुवार को विश्वास मत ध्वनि मत से पास किया गया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal) के विश्वास मत प्रस्ताव के पक्ष में 58 वोट पड़े हैं। 1 वोट डिप्टी स्पीकर का अलग है यानी उनके कुल 59 वोट हो गए है। वहीं विपक्ष के पक्ष में शून्य वोट पड़े। इसके बाद दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) की कार्यवाही अनिश्चित काल (Proceedings Adjourned Indefinitely) के लिए स्थगित कर दी गई।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) में गुरुवार को विश्वास मत ध्वनि मत से पास किया गया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal) के विश्वास मत प्रस्ताव के पक्ष में 58 वोट पड़े हैं। 1 वोट डिप्टी स्पीकर का अलग है यानी उनके कुल 59 वोट हो गए है। वहीं विपक्ष के पक्ष में शून्य वोट पड़े। इसके बाद दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) की कार्यवाही अनिश्चित काल (Proceedings Adjourned Indefinitely) के लिए स्थगित कर दी गई।

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बता दें कि दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) के विशेष सत्र के पांचवें दिन गुरुवार को सदन की शुरुआत ही हंगामे के साथ हुई। इसके चलते दिल्ली डिप्टी स्पीकर राखी बिड़ला (Delhi Deputy Speaker Rakhi Birla) ने भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता (BJP MLA Vijender Gupta) समेत 4 विधायकों को पूरे दिन के लिए सदन से बाहर निकाल दिया। नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी (Leader of Opposition Ramvir Singh Bidhuri) व भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता (BJP MLA Vijender Gupta) की मांग थी कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर भी कराई जाए चर्चा।

उधर, डिप्टी स्पीकर का तर्क है कि विश्वास मत पर चर्चा चलने के क्रम में अन्य मुद्दों पर चर्चा नहीं कराई जा सकती है। नेता प्रतिपक्ष राम वीर सिंह बिधूड़ी (Leader of Opposition Ram Vir Singh Bidhuri) ने कहा कि 62 विधायकों का अ अरविंद केजरीवाल सरकार में पूर्ण समर्थन है, तब इस नाटक की जरूरत ही क्या है?

बता दें कि दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly)  में कुल 70 सीटें हैं। सत्ताधारी आप के पास 62 और भाजपा के पास 8 विधायक हैं। आप के पास दो तिहाई से ज्यादा बहुमत होने के बावजूद केजरीवाल ने विश्वासमत प्रस्ताव पेश किया था।

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