केजरीवाल पर दो करोड़ लेने का आरोप लगाने वाले कपिल ने लोकायुक्त के समक्ष दर्ज कराए बयान

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्वास्य मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामलों में अपना बयान दर्ज कराया जिसमें दो करोड़ रपए चंदा लेने का मामला भी शामिल है। पूर्व मंत्री ने इन मामलों में गवाह के तौर पर दर्ज कराया। इसके पूर्व एक वकील ने 9 मई को लोकायुक्त में शिकायत दी जिसमें अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन के खिलाफ जांच की मांग की गई थी।




बृहस्पतिवार को कपिल मिश्रा का बयान लिया गया। उन्होंने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को सत्येन्द्र जैन से दो करोड़ रपए लेते देखा। लोकायुक्त ने उनसे पूछा कि जिस वक्त आपने केजरीवाल को दो करोड़ रपए लेते देखा उस समय आपके साथ और कौन था। कपिल मिश्रा ने कहा कि नाम बताने पर साक्ष्य नष्ट होने का खतरा रहेगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास की पिछले छह महीने का सीसीटीवी फुटाज जब्त करा दिए जाएं तो वे दो करोड़ रपए लेने का दिन व समय बता सकेंगे। उन्होंने फर्जी कंपनी द्वारा लाखों रपए के हेराफेरी का आरोप लगाया। अपने बयान में कपिल मिश्रा ने लोकायुक्त रेवा खेत्रपाल को बताया कि इस मामले में वह सीबीआई में शिकायत दर्ज करा चुके हैं व संवेदनशील दस्तावेज और जानकारी सिर्फ सीबीआई को देना चाहते हैं। रेवा खेत्रपाल ने कहा कि लोकायुक्त सीबीआई, दिल्ली पुलिस और एसीबी से अलग फोरम है।




लोकायुक्त ने कपिल मिश्रा से कहा कि जो आरोप आपने मीडिया में लगाए हैं, वो शपथ पत्र के साथ दोहरा सकते हैं। कपिल मिश्रा ने लोकायुक्त से आम आदमी पार्टी नेताओं की कई विदेश यात्राओं के खर्च का ब्योरा मांगने की गुजारिश की। उन्होंने लोकायुक्त से गुहार लगाई कि संजय सिंह, आशीष खेतान, दुर्गेश पाठक, सत्येंद्र जैन और राघव चड्ढा ने पिछले तीन साल में जितनी भी विदेश यात्रा की उसके खर्च का ब्योरा मांगा जाए क्योंकि विदेश यात्राओं में सभी नेताओं ने जनता के धन का भारी दुरु पयोग किया। साथ ही कपिल मिश्रा ने लोकायुक्त के सामने जल बोर्ड के 400 करोड़ के घोटाले के बारे में जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि शीला दीक्षित के कार्यकाल में बड़ा घोटाला हुआ जिसपर केजरीवाल सरकार ने दो साल तक पर्दा डाल दिया।