केजरीवाल की अपील- घर पर ही रहें, गांव ना जायें, नहीं तो खत्म हो जाएगा लॉकडाउन का मकसद

arvind kejriwal
लॉकडाउन 3: दिल्ली के सभी जिले रेड जोन में, नहीं दी जाएगी ढील

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजो की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, केन्द्र हो या राज्स सरकारे सभी इसको लेकर काफी चिंतित हैं और लॉक डाउन को लेकर भी पूरी तरह से सर्तक हैं। इसके बावजूद दिल्ली में दिहाड़ी पर मजदूरी करने वाले दूसरे प्रदेशों के लोग पलायन करने लगे हैं। हालांकि ​दिल्ली और यूपी सरकार की तरफ से बसो का प्र​बंध किया गया है लेकिन एक साथ हो रही भीड़ को लेकर केजरीवाल सरकार चिंतित है।

Kejriwals Appeal Stay At Home Dont Go To The Village Otherwise The Purpose Of Lockdown Will End :

हालांकि सरकारे हर मदद पंहुचाने के दावे कर रही है लेकिन लॉकडाउन गरीब व मजदूरो के लिए बड़ी समस्या बन गई है। उन्हें घर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें और उनके परिवार को पैसे और खाने की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वहीं दिल्ली सीएम केजरीवाल ने अपील की है कि आपको दिल्ली छोड़कर जाने की जरूरत नहीं और यदि ऐसा करते हैं तो कोरोना के खतरा रहेगा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मामले में ट्वीट करते हुए लिखा कि लॉकडाउन का पालन करें, बाहर निकलने में कोरोना का पूरा खतरा। उन्होने लिखा कि यूपी और दिल्ली – दोनों सरकारों ने बसों का इंतज़ाम तो कर दिया। लेकिन मेरी अभी भी सभी से अपील है कि वे जहां है, वहीं रहें। हमने दिल्ली में रहने, खाने, पीने, सबका इंतज़ाम किया है। कृपया अपने घर पर ही रहें। अपने गांव ना जायें। नहीं तो लॉकडाउन का मक़सद ही खत्म हो जाएगा।”

इसी तरह दिल्ली के डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने ट्वीट में लिखा, “दिल्ली सरकार की क़रीब 100 और उत्तर प्रदेश सरकार की क़रीब 200 बसें दिल्ली से पैदल जाने की कोशिश कर रहे लोगों को लेकर जा रही है। फिर भी सभी से मेरी अपील है कि लॉकडाउन का पालन करें। कोरोना का असर नियंत्रित रखने के लिए यही समाधान है। बाहर निकलने में कोरोना का पूरा ख़तरा है।”

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजो की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, केन्द्र हो या राज्स सरकारे सभी इसको लेकर काफी चिंतित हैं और लॉक डाउन को लेकर भी पूरी तरह से सर्तक हैं। इसके बावजूद दिल्ली में दिहाड़ी पर मजदूरी करने वाले दूसरे प्रदेशों के लोग पलायन करने लगे हैं। हालांकि ​दिल्ली और यूपी सरकार की तरफ से बसो का प्र​बंध किया गया है लेकिन एक साथ हो रही भीड़ को लेकर केजरीवाल सरकार चिंतित है। हालांकि सरकारे हर मदद पंहुचाने के दावे कर रही है लेकिन लॉकडाउन गरीब व मजदूरो के लिए बड़ी समस्या बन गई है। उन्हें घर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें और उनके परिवार को पैसे और खाने की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वहीं दिल्ली सीएम केजरीवाल ने अपील की है कि आपको दिल्ली छोड़कर जाने की जरूरत नहीं और यदि ऐसा करते हैं तो कोरोना के खतरा रहेगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मामले में ट्वीट करते हुए लिखा कि लॉकडाउन का पालन करें, बाहर निकलने में कोरोना का पूरा खतरा। उन्होने लिखा कि यूपी और दिल्ली - दोनों सरकारों ने बसों का इंतज़ाम तो कर दिया। लेकिन मेरी अभी भी सभी से अपील है कि वे जहां है, वहीं रहें। हमने दिल्ली में रहने, खाने, पीने, सबका इंतज़ाम किया है। कृपया अपने घर पर ही रहें। अपने गांव ना जायें। नहीं तो लॉकडाउन का मक़सद ही खत्म हो जाएगा।'' इसी तरह दिल्ली के डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने ट्वीट में लिखा, "दिल्ली सरकार की क़रीब 100 और उत्तर प्रदेश सरकार की क़रीब 200 बसें दिल्ली से पैदल जाने की कोशिश कर रहे लोगों को लेकर जा रही है। फिर भी सभी से मेरी अपील है कि लॉकडाउन का पालन करें। कोरोना का असर नियंत्रित रखने के लिए यही समाधान है। बाहर निकलने में कोरोना का पूरा ख़तरा है।"