कॉलेज ने जारी किया तुगलकी फरमान, कपड़े बदलते वक्त हॉस्टल का गेट न लॉक करें लड़कियां

कोल्लम। केरल के एक कॉलेज ने लड़कियों के लिए तुगलकी फरमान जारी किया है कि कोई लड़की कपड़े बदलते वक्त भी हॉस्टल कमरे का दरवाजा लॉक नहीं करेगी। केरल के कोल्लम जिले में स्थित उपासना नर्सिंग कॉलेज के इस आदेश के खिलाफ छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।




बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों को कमरे के दरवाजे लॉक न करके के लिए इसलिए कहा है ताकि कोई भी लड़की समलैंगिक संबंधों में न पड़े। कॉलेज प्रिंसिपल ने हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों को समलैंगिक संबंधों से दूर रखने की नीयत से यह फरमान जारी किया है।

Kerala College Orders Girls Not To Lock Doors Of Their Rooms While Changing Clothes :

उपासना कॉलेज की एक छात्रा ने कहा, ‘प्रिंसिपल ने कहा है कि हम इसलिए दरवाजे लॉक करती हैं ताकि चोरी से मोबाइल फोन इस्तेमाल कर सकें, या फिर हम समलैंगिक हैं और ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं। हमें कहा गया है कि दरवाजे के पास कुर्सी रखें लेकिन बंद मत करें।




प्रिंसिपल के इस तुगलकी फरमान से छात्राओं में रोष है और वे लगातार प्रिंसिपल के खिलाफ नारेबाजी कर रही हैं। छात्राओं का आरोप है कि प्रिंसिपल सिर्फ पिछड़ी जातियों की स्टूडेंट्स को निशाना बना रहे हैं। छात्राओं ने लगाए प्रिंसिपल पर आरोप मंगलवार को भी छात्राओं ने कैंपस के बाहर प्रिंसिपल के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा और नारेबाजी की।

कोल्लम। केरल के एक कॉलेज ने लड़कियों के लिए तुगलकी फरमान जारी किया है कि कोई लड़की कपड़े बदलते वक्त भी हॉस्टल कमरे का दरवाजा लॉक नहीं करेगी। केरल के कोल्लम जिले में स्थित उपासना नर्सिंग कॉलेज के इस आदेश के खिलाफ छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों को कमरे के दरवाजे लॉक न करके के लिए इसलिए कहा है ताकि कोई भी लड़की समलैंगिक संबंधों में न पड़े। कॉलेज प्रिंसिपल ने हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों को समलैंगिक संबंधों से दूर रखने की नीयत से यह फरमान जारी किया है।उपासना कॉलेज की एक छात्रा ने कहा, 'प्रिंसिपल ने कहा है कि हम इसलिए दरवाजे लॉक करती हैं ताकि चोरी से मोबाइल फोन इस्तेमाल कर सकें, या फिर हम समलैंगिक हैं और ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं। हमें कहा गया है कि दरवाजे के पास कुर्सी रखें लेकिन बंद मत करें। प्रिंसिपल के इस तुगलकी फरमान से छात्राओं में रोष है और वे लगातार प्रिंसिपल के खिलाफ नारेबाजी कर रही हैं। छात्राओं का आरोप है कि प्रिंसिपल सिर्फ पिछड़ी जातियों की स्टूडेंट्स को निशाना बना रहे हैं। छात्राओं ने लगाए प्रिंसिपल पर आरोप मंगलवार को भी छात्राओं ने कैंपस के बाहर प्रिंसिपल के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा और नारेबाजी की।