केरल: मस्जिद में विवाह रचाकर हिंदू जोड़े ने कायम की मिसाल, CM ने शेयर की फोटो

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केरल: मस्जिद में विवाह रचाकर हिंदू जोड़े ने कायम की मिसाल, CM ने शेयर की फोटो

नई दिल्ली। केरल ही एक मस्जिद ने सामाजिक सौहार्द की नई मिसाल पेश की है, जहां हिन्दू रीति-रिवाजों से जोड़े की शादी कराई गई। बताया गया कि मस्जिद में हुई इस शादी में मंत्र पढ़े गए और जोड़े ने आग के समक्ष सात फेरे लिए। दुलहन अंजू और दूल्हे शरत ने एक-दूसरे को माला पहनाई। मस्जिद परिसर में मौजूद पंडित ने विधि-विधान से दोनों की शादी करवाई। इसके बाद शादी में आए लोगों के लिए शाकाहारी भोजन का भी इंतजाम किया गया था।

Kerala Hindu Couple Set An Example By Marrying In Mosque Cm Shares Photo :

शादी में 1000 लोगों के लिए शाकाहारी खाने का भी इंतजाम किया गया। मस्जिद कमेटी के नुजुमुद्दीन ने बताया कि दुल्हन को सोने के 10 सिक्के और दो लाख रुपए भी तोहफे में दिए गए हैं। दुल्हन अंजू का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। ऐसे में अंजू की मां ने मस्जिद कमेटी से मदद मांगी थी।

चेरुवल्ली जमात समिति के सचिव  नुजुमुद्दीन ने बताया कि  साल 2018 में पिता अशोकन की मौत के बाद और परिवार के हालात और खराब हो गए। उन्होंने कहा कि परिवार के सबसे छोटे बच्चे की पढ़ाई के लिए मैंने निजी तौर पर मदद की है। इस बार मस्जिद समिति से मदद की अपील की गई थी और शादी का खर्च भी बहुत ज्यादा है, इसलिए समिति ने मदद करने का फैसला किया था।

उधर केरल के सीएम पिनरई विजयन ने भी अपने फेसबुक पर पोस्ट की। उन्होंने नवविवाहित जोड़े को बधाई देने के साथ-साथ लोगों को भी बधाई दी। उन्होंने आगे लिखा,’केरल ने हमेशा से ही सांप्रदायिक सौहार्द्र के शानदार उदाहरण पेश किए हैं। यह शादी उस वक्त हुई है, जब धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है। केरल एक है और हमेशा एक रहेगा।’


देश के कई हिस्सों से धार्मिक भेदभाव और हिंसा की घटनाओं के बीच मस्जिद में हिन्दू रीति-रितावों से आयोजित की गई यह शादी समाज के लिए एक मिसाल है। साथ ही ऐसे और कदम समाज को जोड़ने और भाईचारे को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं।

नई दिल्ली। केरल ही एक मस्जिद ने सामाजिक सौहार्द की नई मिसाल पेश की है, जहां हिन्दू रीति-रिवाजों से जोड़े की शादी कराई गई। बताया गया कि मस्जिद में हुई इस शादी में मंत्र पढ़े गए और जोड़े ने आग के समक्ष सात फेरे लिए। दुलहन अंजू और दूल्हे शरत ने एक-दूसरे को माला पहनाई। मस्जिद परिसर में मौजूद पंडित ने विधि-विधान से दोनों की शादी करवाई। इसके बाद शादी में आए लोगों के लिए शाकाहारी भोजन का भी इंतजाम किया गया था। शादी में 1000 लोगों के लिए शाकाहारी खाने का भी इंतजाम किया गया। मस्जिद कमेटी के नुजुमुद्दीन ने बताया कि दुल्हन को सोने के 10 सिक्के और दो लाख रुपए भी तोहफे में दिए गए हैं। दुल्हन अंजू का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। ऐसे में अंजू की मां ने मस्जिद कमेटी से मदद मांगी थी। चेरुवल्ली जमात समिति के सचिव  नुजुमुद्दीन ने बताया कि  साल 2018 में पिता अशोकन की मौत के बाद और परिवार के हालात और खराब हो गए। उन्होंने कहा कि परिवार के सबसे छोटे बच्चे की पढ़ाई के लिए मैंने निजी तौर पर मदद की है। इस बार मस्जिद समिति से मदद की अपील की गई थी और शादी का खर्च भी बहुत ज्यादा है, इसलिए समिति ने मदद करने का फैसला किया था। उधर केरल के सीएम पिनरई विजयन ने भी अपने फेसबुक पर पोस्ट की। उन्होंने नवविवाहित जोड़े को बधाई देने के साथ-साथ लोगों को भी बधाई दी। उन्होंने आगे लिखा,'केरल ने हमेशा से ही सांप्रदायिक सौहार्द्र के शानदार उदाहरण पेश किए हैं। यह शादी उस वक्त हुई है, जब धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है। केरल एक है और हमेशा एक रहेगा।' देश के कई हिस्सों से धार्मिक भेदभाव और हिंसा की घटनाओं के बीच मस्जिद में हिन्दू रीति-रितावों से आयोजित की गई यह शादी समाज के लिए एक मिसाल है। साथ ही ऐसे और कदम समाज को जोड़ने और भाईचारे को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं।