केरल विमान हादसा: कोझिकोड के रनवे को लेकर बड़ा खुलासा, विशेषज्ञ ने नौ वर्ष पूर्व कही थी यह बड़ी बात

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केरल विमान हादसा: कोझिकोड के रनवे को लेकर बड़ा खुलासा, विशेषज्ञ ने नौ वर्ष पूर्व कही थी यह बड़ी बात

मुंबई। केरल के कोझिकोड में विमान हादसे में 18 लोगों की जान चली गयी, जबकि 121 यात्री अभी घायल हैं। घायलों का उपचार चल रहा है। वहीं, इस बीच विमानन क्षेत्र के एक विशेषज्ञ ने करीब नौ साल पूर्व ही कोझिकोड हवाई अड्डे के रवने-10 को लेकर चेताया था।

Kerala Plane Crash Big Revelation About Kozhikode Runway Expert Said This Nine Years Ago :

विशेषज्ञ ने कहा था कि रनवे-10 पर बारिश में उतरते विमान की दिशा में बहती हवा की स्थिति में यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। वर्ष 2011 में कैप्टन मोहन रंगनाथन ने तत्कालीन विमानन सचिव नसीम जैदी को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने हवाई पट्टी को लेकर चिंता जताई थी।

रंगनाथन उस समय नागर विमानन सुरक्षा सलाहकार समिति (सीएएसएसी) मे परिचालन समूह के सदस्य थे। वहीं, अब कोझिकोड में हुए विमान हादसे के बाद यह चेतावनी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।

पत्र में रंगनाथन ने कहा था कि, यदि खतरे के बावजूद पायलट बारिश और अनुकूल हवा की स्थिति में विमान उतारने को तैयार होते हैं तो एप्रोच एंड लैंडिंग एक्सिडेंट रिडक्शन (एएलएआर) यानी विमान उतरते समय दुर्घटना रोकने को लेकर उनकी समझ काफी कमजोर है। मेंगलूर हवाईअड्डे पर 2010 में एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद रंगनाथन ने यह पत्र लिखा था।

मुंबई। केरल के कोझिकोड में विमान हादसे में 18 लोगों की जान चली गयी, जबकि 121 यात्री अभी घायल हैं। घायलों का उपचार चल रहा है। वहीं, इस बीच विमानन क्षेत्र के एक विशेषज्ञ ने करीब नौ साल पूर्व ही कोझिकोड हवाई अड्डे के रवने-10 को लेकर चेताया था। विशेषज्ञ ने कहा था कि रनवे-10 पर बारिश में उतरते विमान की दिशा में बहती हवा की स्थिति में यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। वर्ष 2011 में कैप्टन मोहन रंगनाथन ने तत्कालीन विमानन सचिव नसीम जैदी को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने हवाई पट्टी को लेकर चिंता जताई थी। रंगनाथन उस समय नागर विमानन सुरक्षा सलाहकार समिति (सीएएसएसी) मे परिचालन समूह के सदस्य थे। वहीं, अब कोझिकोड में हुए विमान हादसे के बाद यह चेतावनी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। पत्र में रंगनाथन ने कहा था कि, यदि खतरे के बावजूद पायलट बारिश और अनुकूल हवा की स्थिति में विमान उतारने को तैयार होते हैं तो एप्रोच एंड लैंडिंग एक्सिडेंट रिडक्शन (एएलएआर) यानी विमान उतरते समय दुर्घटना रोकने को लेकर उनकी समझ काफी कमजोर है। मेंगलूर हवाईअड्डे पर 2010 में एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद रंगनाथन ने यह पत्र लिखा था।