KGMU के डॉक्टरों की संवेदनहीनता, जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे बच्चे को नहीं किया भर्ती, मौत

लखनऊ| केजीएमयू के डॉक्टरों की लापरवाही और संवेदनहीनता का एक और मामला सामने आया है| यहां बुधवार को एंबुबैग सपोर्ट पर आए बच्चे को डेढ़ घंटे तक डॉक्टरों ने भर्ती ही नहीं किया| ऐसे में इलाज के अभाव में बच्चे ने अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया|




सीतापुर के धननाग के घनश्याम का डेढ़ वर्षीय बेटा अभिनव सोमवार को घर के बाहर खड़ी कार का दरवाजा खोलकर अंदर घुस गया| दरवाजा बंद होते ही सेंट्रल लॉक हो गया| इसके बाद जब बच्चा काफी देर तक घर नहीं लौटा तो उसकी खोजबीन शुरू की गई| तभी घर के एक व्यक्ति ने उसे कार के अंदर अचेत अवस्था में पड़ा हुआ पाया|

घनश्याम ने बताया कि आनन-फानन में अभिनव को सीतापुर के खैराबाद अस्पताल में भर्ती कराया गया| बुधवार को हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने वेंटिलेटर की जरूरत बताकर एम्बुबैग के सहारे केजीएमयू रेफर कर दिया| जिसके बाद बच्चे के पिता धनश्याम अपनी पत्नी के साथ अभिनव को लेकर
ट्रॉमा सेंटर पहुंचे|




घनश्याम के मुताबिक, उन्होंने कई बार कैजुअल्टी पहुंचकर एंबुलेंस में बच्चे को देखने को कहा, मगर डॉक्टरों ने अनसुना कर दिया| दोबारा बच्चे को लेकर पहुंचे फिर भी बेड न होने का हवाला देकर लौटा दिया| ऐसे में परिजन फिर ट्रॉमा चैनल के पास खड़ी एंबुलेंस में आकर बैठ गए| अभिनव को एंबुबैग से सांसें देते रहे। इसी बीच डेढ़ घंटे बाद बच्चे की एम्बुलेंस में ही मौत हो गई|

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