ग्रामोद्योग इकाइयों को प्रदत्त सीबीसी ऋण पर दण्डात्मक ब्याज माफ

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ग्रामोद्योग इकाइयों को प्रदत्त सीबीसी ऋण पर दण्डात्मक ब्याज माफ

Khadi Gram Udyog Up

लखनऊ। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ग्रामोद्योग इकाइयों द्वारा सीबीसी (कन्सोर्टियम बैंक स्कीम) के अन्तर्गत लिए गए ऋण पर दण्डात्मक ब्याज माफ कर दिया है।

प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आयोग ने राष्ट्रपिता महात्मागांधी की 150 वीं जयन्ती के अवसर पर खादी बोर्ड द्वारा देय बकाया सीबीसी ऋण पर दण्डात्मक ब्याज माफ किया है। प्रदेश में 7483 इकाइयों पर कुल 37 करोड़ रुपये का ऋण बकाया है।

सहगल ने बताया कि आयोग ने यह भी निर्णय लिया है कि प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा पूर्व में दण्डात्मक ब्याज के सापेक्ष किये गये किसी भी प्रकार के भुगतान को वापस नहीं किया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि दण्डात्मक ब्याज की माफी के लिए समय सीमा का भी निर्धारण कर किया गया है, जो 15 अगस्त, 2018 से आरम्भ होकर आगामी छः माह के लिए लागू रहेगी। उन्होंने बताया कि यदि बकायेदार द्वारा एक मुश्त ऋण का भुगतान कर दिया जाता है, तो ऐसे लोगों से दण्ड ब्याज नहीं लिया जायेगा। उनसे केवल साधारण ब्याज ही वसूला जायेगा।

प्रमुख सचिव ने बताया कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए इकाइयों/संस्थाओं/व्यक्तियों द्वारा जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी से सम्पर्क किया जा सकता है।

लखनऊ। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ग्रामोद्योग इकाइयों द्वारा सीबीसी (कन्सोर्टियम बैंक स्कीम) के अन्तर्गत लिए गए ऋण पर दण्डात्मक ब्याज माफ कर दिया है। प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आयोग ने राष्ट्रपिता महात्मागांधी की 150 वीं जयन्ती के अवसर पर खादी बोर्ड द्वारा देय बकाया सीबीसी ऋण पर दण्डात्मक ब्याज माफ किया है। प्रदेश में…