कुपोषण के खिलाफ ‘जंग ए मैदान’ में सरकार: कुपोषण पर वार, हम सब हैं तैयार

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कुपोषण के खिलाफ 'जंग ए मैदान' में सरकार: कुपोषण पर वार, हम सब हैं तैयार

अमेठी: देश में कुपोषण एक बड़ी समस्या है। इसी के चलते सरकार ने कुपोषण से निपटने के लिए एक कवायद शुरू की है। कुपोषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मुसाफिरखाना में शनिवार 25 अगस्त को सुपोषण स्वास्थ्य मेला का शुभारंभ किया गया यह मेला सितंबर माह में हर पहले बुधवार को आयोजित किया जाएगा।

Khuposhan Ke Khilaf Jung :

कुपोषण जैसी गंभीर समस्या से लड़ने के लिए पूरा भारत लगभग तैयार है। इसी के चलते अमेठी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुसाफिरखाना में शनिवार को में एक सुपोषण स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ किया गया, साथ ही सभी ब्लॉकों में भी एएनएम सेंटर, टीकाकरण सेंटरों पर स्वास्थ्य जनपद में कुपोषण के खिलाफ सरकारी जंग कई सालों से चल रही है, लेकिन इसके सकारात्मक परिणाम देखने को नहीं मिल रहे हैं।

साल दर साल नवजात शिशु, गर्भवती महिलाओं में बढ़ रहे कुपोषण और मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सरकार ने इस पहल की शुरुआत की है। सितंबर माह से हर पहले बुधवार को स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा। हर माह आयोजित मेले में गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और नवजात शिशुओं का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा और साथ में स्वास्थ्य से संबंधित सलाह भी दी जाएगी।

मेले में स्वास्थ्य, बाल विकास, पंचायती राज विभाग आदि की ओर से स्टॉल लगाए जाएंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया जाएगा और उनकी जांच से लेकर कुपोषण समाप्त होने तक विभाग देख-रेख करेगा।

सीडीपीओ (इंचार्ज) मुसाफिरखाना रीता सिंह ने बताया कि अब प्रत्येक महीने के प्रथम बुधवार को इस मेले का आयोजन किया जाएगा जिसमें एएनएम, आशा और आगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय स्थापित करके ग्राम स्वास्थ्य पोषण, स्वच्छता दिवस, परिवार नियोजन, दस्त व अन्य संक्रमण से रोकथाम के उपाय, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्ण जांच, टीकाकरण, के अलावा बच्चों का वजन, लंबाई, अति कुपोषित बच्चों की पहचान, पोशाहार वितरण, किशोरी बालिकाओं में एनीमिया की रोकथाम, स्वच्छ भारत मिशन, हाथों की सफाई व स्वच्छता का महत्व, ओडीएफ आदि से संबंधित स्टॉल लगाया जा रहा है सीडीपीओ(इंचार्ज) मुसाफिरखाना रीता सिंह ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर लाभ उठाने की अपील की है।

रिपोर्ट-राम मिश्रा

अमेठी: देश में कुपोषण एक बड़ी समस्या है। इसी के चलते सरकार ने कुपोषण से निपटने के लिए एक कवायद शुरू की है। कुपोषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मुसाफिरखाना में शनिवार 25 अगस्त को सुपोषण स्वास्थ्य मेला का शुभारंभ किया गया यह मेला सितंबर माह में हर पहले बुधवार को आयोजित किया जाएगा।कुपोषण जैसी गंभीर समस्या से लड़ने के लिए पूरा भारत लगभग तैयार है। इसी के चलते अमेठी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुसाफिरखाना में शनिवार को में एक सुपोषण स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ किया गया, साथ ही सभी ब्लॉकों में भी एएनएम सेंटर, टीकाकरण सेंटरों पर स्वास्थ्य जनपद में कुपोषण के खिलाफ सरकारी जंग कई सालों से चल रही है, लेकिन इसके सकारात्मक परिणाम देखने को नहीं मिल रहे हैं।साल दर साल नवजात शिशु, गर्भवती महिलाओं में बढ़ रहे कुपोषण और मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सरकार ने इस पहल की शुरुआत की है। सितंबर माह से हर पहले बुधवार को स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा। हर माह आयोजित मेले में गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और नवजात शिशुओं का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा और साथ में स्वास्थ्य से संबंधित सलाह भी दी जाएगी।मेले में स्वास्थ्य, बाल विकास, पंचायती राज विभाग आदि की ओर से स्टॉल लगाए जाएंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया जाएगा और उनकी जांच से लेकर कुपोषण समाप्त होने तक विभाग देख-रेख करेगा।सीडीपीओ (इंचार्ज) मुसाफिरखाना रीता सिंह ने बताया कि अब प्रत्येक महीने के प्रथम बुधवार को इस मेले का आयोजन किया जाएगा जिसमें एएनएम, आशा और आगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय स्थापित करके ग्राम स्वास्थ्य पोषण, स्वच्छता दिवस, परिवार नियोजन, दस्त व अन्य संक्रमण से रोकथाम के उपाय, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्ण जांच, टीकाकरण, के अलावा बच्चों का वजन, लंबाई, अति कुपोषित बच्चों की पहचान, पोशाहार वितरण, किशोरी बालिकाओं में एनीमिया की रोकथाम, स्वच्छ भारत मिशन, हाथों की सफाई व स्वच्छता का महत्व, ओडीएफ आदि से संबंधित स्टॉल लगाया जा रहा है सीडीपीओ(इंचार्ज) मुसाफिरखाना रीता सिंह ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर लाभ उठाने की अपील की है।रिपोर्ट-राम मिश्रा