गरीबी की मार झेल रही मां ने चार बच्चों को मौत की नींद सुलाई, खुद लगा ली फांसी

mathura

लखनऊ। गरीबी का दंश झेल रहे एक परिवार में पांच मौतों ने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया। मामला यूपी के मथुरा का है। यहां आर्थिक तंगी के चलते मां ने पहले अपने चार बच्चों का गला घोटा और बाद में खुद फ़ांसी पर लटक गयी। मृतका के पति का रो-रोकर बुरा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। पुलिस का तर्क है कि मृतका की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके चलते उसने ऐसा कदम उठाया।
मिली जानकारी के मुताबिक, मथुरा में फरह ब्लाक के बिरोनाकलां गांव के रहने वाले देवकीनंदन उर्फ बंटू पेशे से मजदूर हैं। देवकीनंदन परिवार से अलग एक छोटा सा मकान बनाकर अपनी पत्नी शारदा (35) और चार बच्चों अंजली (8), रौनक (6), प्रिया (5) और विनीत (3) के साथ रहता था। देवकीनंदन रविवार सुबह पड़ोस के गांव में मजदूरी करने गया था।
देर शाम देवकीनंदन के पास गांव के एक युवक ने फोन किया कि जल्दी घर आ जाओ। घर पहुंचते ही अंदर का मंजर देख देवकीनंदन की रुह कांप गयी। जमीन पर उसके चारों बच्चे मौत की नींद सो चुके थे और पत्नी फंदे पर लटकी थी। घर का नजारा देख देवकीनंदन होश खो बैठा। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।

Killing Four Innocent Children The Woman Did The Suicide :

बताया जा रहा है कि शारदा के पेट में पथरी थी। डाक्टर ने आपरेशन बताया था। आपरेशन के लिए 30 हजार रुपयों की जरूरत थी। वहीं एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि शारदा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। जिसके चलते उसने ऐसा कदम उठाया।

लखनऊ। गरीबी का दंश झेल रहे एक परिवार में पांच मौतों ने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया। मामला यूपी के मथुरा का है। यहां आर्थिक तंगी के चलते मां ने पहले अपने चार बच्चों का गला घोटा और बाद में खुद फ़ांसी पर लटक गयी। मृतका के पति का रो-रोकर बुरा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। पुलिस का तर्क है कि मृतका की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके चलते उसने ऐसा कदम उठाया। मिली जानकारी के मुताबिक, मथुरा में फरह ब्लाक के बिरोनाकलां गांव के रहने वाले देवकीनंदन उर्फ बंटू पेशे से मजदूर हैं। देवकीनंदन परिवार से अलग एक छोटा सा मकान बनाकर अपनी पत्नी शारदा (35) और चार बच्चों अंजली (8), रौनक (6), प्रिया (5) और विनीत (3) के साथ रहता था। देवकीनंदन रविवार सुबह पड़ोस के गांव में मजदूरी करने गया था। देर शाम देवकीनंदन के पास गांव के एक युवक ने फोन किया कि जल्दी घर आ जाओ। घर पहुंचते ही अंदर का मंजर देख देवकीनंदन की रुह कांप गयी। जमीन पर उसके चारों बच्चे मौत की नींद सो चुके थे और पत्नी फंदे पर लटकी थी। घर का नजारा देख देवकीनंदन होश खो बैठा। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।बताया जा रहा है कि शारदा के पेट में पथरी थी। डाक्टर ने आपरेशन बताया था। आपरेशन के लिए 30 हजार रुपयों की जरूरत थी। वहीं एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि शारदा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। जिसके चलते उसने ऐसा कदम उठाया।