किसानों को समय से मिले खाद व बीज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को आगामी फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गुरुवार को कृषि विभाग, बीज प्रमाणीकरण, बीज विकास निगम समेत बीज वितरण से संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ आगामी धान की फसलों के लिए खाद एवं बीज की उपलब्धता की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को आगामी फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाय।




बीज की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं होनी चाहिए तथा किसानों को गोदामों से ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से भी बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था किया जाए। कृषि विभाग अपनी परम्परागत साधनों के स्थान पर नवीन तकनीक का प्रयोग करें जिससे किसानों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में 60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती होनी है। कृषि विभाग को 55 हजार कुंतल बीज की व्यवस्था करनी है। यह बीज किसानों को अनुदान के रूप में दिया जाना है।

उन्होंने निर्देश दिए कि मई के प्रथम सप्ताह में किसानों तक धान, मक्का, ज्वार, मूग, अरहर, तिल, सोयाबीन तथा मूंगफली, के बीज पहुंचना प्रारंभ हो जाना चाहिए। बीजों की गुणवत्ता में कोई कमी न हो। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की कमी नहीं होनी चाहिए। कमी पाई जाने पर सम्बन्धित अधिकारी दण्डित होंगे। उन्होंने कहा कि निदेशक कृषि प्रति सप्ताह खाद एवं बीज की उपलब्धता के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तालमेल बनाए।




यूपी सरकार ने उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड को गेहूं खरीद के लिए क्रय एजेंसी के रुप में नामित किया है। आधिकारिक प्रवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने उप्र उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड को गेहूं खरीद के लिए क्रय एजेंसी के रुप में नामित किया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता सहकारी संघ की ओर से दो सौ क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस संघ का न्यूनतम खरीद लक्ष्य तीन लाख मीट्रिक टन तथा कार्यकारी लक्ष्य पांच लाख मीट्रिक टन तय किया गया है। उन्होंने बताया कि सहकारी संघ के क्रय एजेंसी नामित हो जाने के बाद अब खाद्य विभाग का न्यूनतम गेहूं खरीद लक्ष्य 10 लाख मीट्रिक टन से घटकर सात लाख मीट्रिक टन तथा कार्यकारी लक्ष्य 20 लाख मीट्रिक टन के स्थान पर 15 लाख मीट्रिक टन हो गया है।