गुजरात में तेजी से फ़ेल रहा Congo Fever, जाने कैसे होती है ये बीमारी और क्या हैं इसके लक्षण

गुजरात में तेजी से फ़ेल रहा Congo Fever, जाने कैसे होती है ये बीमारी और क्या हैं इसके लक्षण
गुजरात में तेजी से फ़ेल रहा Congo Fever, जाने कैसे होती है ये बीमारी और क्या हैं इसके लक्षण

नई दिल्ली। इन दिनों गुजरात (Gujarat) में कांगो फीवर (Congo Fever) बहुत तेजी से पैर पसार रहा है। इस फीवर से अब तक वहां के 3 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 अन्य लोगों के ब्लड सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। अभी भी स्वास्थ्य विभाग इस मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। कांगो फीवर वायरस के जरिए तेजी से फैलने वाली बीमारी है।

Know All About Congo Fever And Its Symptoms :

बता दे कि यह पालतू जानवरों की स्किन में रहने वाला पैरासाइट है,जिसका नाम है ‘हिमोरल’। पशु पालकों को यह बुखार होने की संभावना ज्यादा होती है। आइए जानते हैं क्या है कांगो फीवर और क्या हैं इसके लक्षण…

क्या है कांगो फीवर

तेजी से फ़ेल रहा कांगो फीवर कई बार जानलेवा साबित हो जाता है। इस वायरल इन्फेक्शन से पीड़ित 30 से 80 फीसदी मामलों में रोगी की मौत भी हो जाती है। यह बीमारी पशुओं में पाए जाने वाले पैरासाइट ‘हिमोरल’ के जरिए इंसानों में फैलती है। यह फीवर ज़्यादातर पश्चिमी और पूर्वी अफ्रीका में होता हैं। बता दें कि पिस्सू के जरिए यह बीमारी जानवरों से फैलती है।

कांगो फीवर के लक्षण…

  • इस फीवर से पीड़ित व्यक्ति की बॉडी से खून आने लगता है और कई महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद कर देते हैं।
  • इन्फेक्टेड व्यक्ति को मसल्स में दर्द के साथ तेज बुखार आता है।
  • सिर दर्द, चक्कर आना, रोशनी से चिड़चिड़हट होना और आंखों से पानी आना और जलन होने की समस्या सामने आती हैं।
  • रोगी को उल्टी, गले में खराश और पीठ में दर्द की भी समस्या होती है।
  • इस बुखार में डेंगू की ही तरह प्लेटलेट्स काउंट तेजी से गिरने लगते हैं।
नई दिल्ली। इन दिनों गुजरात (Gujarat) में कांगो फीवर (Congo Fever) बहुत तेजी से पैर पसार रहा है। इस फीवर से अब तक वहां के 3 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 अन्य लोगों के ब्लड सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। अभी भी स्वास्थ्य विभाग इस मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। कांगो फीवर वायरस के जरिए तेजी से फैलने वाली बीमारी है। बता दे कि यह पालतू जानवरों की स्किन में रहने वाला पैरासाइट है,जिसका नाम है 'हिमोरल'। पशु पालकों को यह बुखार होने की संभावना ज्यादा होती है। आइए जानते हैं क्या है कांगो फीवर और क्या हैं इसके लक्षण... क्या है कांगो फीवर तेजी से फ़ेल रहा कांगो फीवर कई बार जानलेवा साबित हो जाता है। इस वायरल इन्फेक्शन से पीड़ित 30 से 80 फीसदी मामलों में रोगी की मौत भी हो जाती है। यह बीमारी पशुओं में पाए जाने वाले पैरासाइट 'हिमोरल' के जरिए इंसानों में फैलती है। यह फीवर ज़्यादातर पश्चिमी और पूर्वी अफ्रीका में होता हैं। बता दें कि पिस्सू के जरिए यह बीमारी जानवरों से फैलती है। कांगो फीवर के लक्षण...
  • इस फीवर से पीड़ित व्यक्ति की बॉडी से खून आने लगता है और कई महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद कर देते हैं।
  • इन्फेक्टेड व्यक्ति को मसल्स में दर्द के साथ तेज बुखार आता है।
  • सिर दर्द, चक्कर आना, रोशनी से चिड़चिड़हट होना और आंखों से पानी आना और जलन होने की समस्या सामने आती हैं।
  • रोगी को उल्टी, गले में खराश और पीठ में दर्द की भी समस्या होती है।
  • इस बुखार में डेंगू की ही तरह प्लेटलेट्स काउंट तेजी से गिरने लगते हैं।