MP: बीजेपी के मुस्लिम नेता ने पांच महीने में पूरा किया ‘ऑपरेशन लोटस’

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MP: बीजेपी के मुस्लिम नेता ने पांच महीने में पूरा किया 'ऑपरेशन लोटस'

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में मचे सियासी घमासान के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए हैं। हालांकि उनके भाजपा में शामिल होने की पटकथा कई दिनों से लिखी जा रही थी। इसी के साथ कांग्रेस का सिंधिया राजघराने से राजनैतिक संबंध भी खत्म हो गए। सिंधिया के पार्टी परिवर्तन में एक व्यक्ति जिनकी सबसे बड़ी भूमिका रही वह जफर इस्लाम हैं। जिन्होंने भारतीय कांग्रेस और मध्य प्रदेश सरकार में खलबली मचाने का काम किया है। यहां तक कि कमलनाथ सरकार पर हर गुजरते लम्हे के साथ संकट गहराता जा रहा है।  

Know How This Muslim Leader Of This Bjp Completed Operation Lotus In 5 Months :

राजनीति में आने से पहले बैंक में नौकरी करते थे जफर

जफर इस्लाम मीडिया के लिए जाना पहचाना चेहरा हैं। टीवी चैनलों पर डिबेट में वह हर रोज बीजेपी का बचाव करते हैं। राजनीति में आने से पहले वह एक विदेशी बैंक में काम करते थे और लाखों की सैलरी पाते थे। हालांकि, बाद में वह पीएम मोदी से प्रभावित होकर बीजेपी में आ गए।

पांच महीने में कई बार मिले सिंधिया-जफर

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि जफर इस्लाम और ज्योतिरादित्य सिंधिया एक दूसरे को काफी समय से जानते थे। सिंधिया के दिल्ली स्थित घर पर भी जफर की मुलाकात हो चुकी है। हालांकि, बीते पांच महीने से जफर और सिंधिया के बीच मुलाकात का सिलसिला बड़ गया था। माना जा रहा है कि यहीं से बीजेपी ने गेम शुरू किया था।

ऐसे शुरू हुआ ऑपरेशन लोटस

सूत्र बताते हैं कि सिंधिया और जफर हाल ही में पांच बार मिले थे. जफर ने हर मीटिंग के मिनिट्स भी बीजेपी हाई कमान से शेयर किए थे। मुलाकातों के नतीजों के गहन अध्ययन के बाद ही बीजेपी ने मध्य प्रदेश में ‘ऑपरेशन लोटस’ शुरू कर दिया था।

सिंधिया के मुताबिक ही चला ऑपरेशन

सूत्रों की मानें तो, ‘इस पूरे ऑपरेशन में बीजेपी की तरफ से सिर्फ लॉजिस्टिक और अन्य मदद दी गई. पूरा ऑपरेशन ज्योतिरदित्य सिंधिया के मुताबिक ही चला।’ यहां तक कि सोमवार और मंगलवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के वक्त भी इस्लाम जफर 7, लोक कल्याण मार्ग पर मौजूद थे।

बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी छोड़ी, तो मध्य प्रदेश में हड़कंप मच गया है। सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के 22 विधायकों ने भी इस्तीफे दे दिए। जिससे कमलनाथ सरकार खतरे में आ गई है। सिंधिया के बगावती तेवर के बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने की कगार पर है। हालांकि, कमलनाथ अभी भी कह रहे हैं कि फिक्र करने की कोई बात नहीं है. सरकार फ्लोर टेस्ट पास कर लेगी।  

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में मचे सियासी घमासान के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए हैं। हालांकि उनके भाजपा में शामिल होने की पटकथा कई दिनों से लिखी जा रही थी। इसी के साथ कांग्रेस का सिंधिया राजघराने से राजनैतिक संबंध भी खत्म हो गए। सिंधिया के पार्टी परिवर्तन में एक व्यक्ति जिनकी सबसे बड़ी भूमिका रही वह जफर इस्लाम हैं। जिन्होंने भारतीय कांग्रेस और मध्य प्रदेश सरकार में खलबली मचाने का काम किया है। यहां तक कि कमलनाथ सरकार पर हर गुजरते लम्हे के साथ संकट गहराता जा रहा है।   राजनीति में आने से पहले बैंक में नौकरी करते थे जफर जफर इस्लाम मीडिया के लिए जाना पहचाना चेहरा हैं। टीवी चैनलों पर डिबेट में वह हर रोज बीजेपी का बचाव करते हैं। राजनीति में आने से पहले वह एक विदेशी बैंक में काम करते थे और लाखों की सैलरी पाते थे। हालांकि, बाद में वह पीएम मोदी से प्रभावित होकर बीजेपी में आ गए। पांच महीने में कई बार मिले सिंधिया-जफर रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि जफर इस्लाम और ज्योतिरादित्य सिंधिया एक दूसरे को काफी समय से जानते थे। सिंधिया के दिल्ली स्थित घर पर भी जफर की मुलाकात हो चुकी है। हालांकि, बीते पांच महीने से जफर और सिंधिया के बीच मुलाकात का सिलसिला बड़ गया था। माना जा रहा है कि यहीं से बीजेपी ने गेम शुरू किया था। ऐसे शुरू हुआ ऑपरेशन लोटस सूत्र बताते हैं कि सिंधिया और जफर हाल ही में पांच बार मिले थे. जफर ने हर मीटिंग के मिनिट्स भी बीजेपी हाई कमान से शेयर किए थे। मुलाकातों के नतीजों के गहन अध्ययन के बाद ही बीजेपी ने मध्य प्रदेश में 'ऑपरेशन लोटस' शुरू कर दिया था। सिंधिया के मुताबिक ही चला ऑपरेशन सूत्रों की मानें तो, 'इस पूरे ऑपरेशन में बीजेपी की तरफ से सिर्फ लॉजिस्टिक और अन्य मदद दी गई. पूरा ऑपरेशन ज्योतिरदित्य सिंधिया के मुताबिक ही चला।' यहां तक कि सोमवार और मंगलवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के वक्त भी इस्लाम जफर 7, लोक कल्याण मार्ग पर मौजूद थे। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी छोड़ी, तो मध्य प्रदेश में हड़कंप मच गया है। सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के 22 विधायकों ने भी इस्तीफे दे दिए। जिससे कमलनाथ सरकार खतरे में आ गई है। सिंधिया के बगावती तेवर के बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने की कगार पर है। हालांकि, कमलनाथ अभी भी कह रहे हैं कि फिक्र करने की कोई बात नहीं है. सरकार फ्लोर टेस्ट पास कर लेगी।