अभिनेता इरफान खान को है न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी, विदेश में कराएंगे इलाज

इरफान खान , न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर
अभिनेता इरफान खान को है न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी, विदेश में कराएंगे इलाज

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान ने कुछ दिन पहले अपनी अनाम बीमारी की बात सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर की थी। इरफान ने कहा ​था कि उन्हें एक रेयर बिमारी हुई है जिसकी पुष्टि होने के बाद ही वह अपनी बीमारी के नाम का खुलासा करेंगे।

Know More About Neuroendocrine Tumor Disease Due To That Actor Irrfan Khan Suffering :

शुक्रवार को इरफान ने ट्वीट कर स्वयं को न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर (Neuroendocrine tumor) नामक बीमारी होने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि अपने परिवार, शुभचिन्तकों और दोस्तों से मिले हौसले ने उन्हें इस बीमारी से लड़ने की ताकत दी है। वह विदेश में इस बीमारी का इलाज करवाएंगे और उम्मीद है जल्द स्वस्थ होंगे।

क्या है न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर —

इस बीमारी के नाम में न्यूरो शब्द आने की वजह से बहुत से लोग इसे ब्रेन यानी मस्तिष्क से जुड़ी बीमारी के रूप में देखने की गलती करते हैं। इंटरनेट पर मिली जानकारी के मुताबिक यह बीमारी हार्मोन जनित है। जिसकी वजह से शरीर के पाचन तंत्र और श्वसन तंत्र में कुछ ट्यूमरस गांठें बनने लगतीं हैं। जहां तक चिकित्सकीय शोधकार्ताओं का मानना है कि इन ट्यूमरों से भी एक विशेष तरह का हार्मोन रिलीज होता है जो रक्त के मिलकर मरीज को अधिक बीमार करता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में इनका प्रभाव पचानतंत्र पर ही होता है।

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान ने कुछ दिन पहले अपनी अनाम बीमारी की बात सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर की थी। इरफान ने कहा ​था कि उन्हें एक रेयर बिमारी हुई है जिसकी पुष्टि होने के बाद ही वह अपनी बीमारी के नाम का खुलासा करेंगे।शुक्रवार को इरफान ने ट्वीट कर स्वयं को न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर (Neuroendocrine tumor) नामक बीमारी होने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि अपने परिवार, शुभचिन्तकों और दोस्तों से मिले हौसले ने उन्हें इस बीमारी से लड़ने की ताकत दी है। वह विदेश में इस बीमारी का इलाज करवाएंगे और उम्मीद है जल्द स्वस्थ होंगे।क्या है न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर —इस बीमारी के नाम में न्यूरो शब्द आने की वजह से बहुत से लोग इसे ब्रेन यानी मस्तिष्क से जुड़ी बीमारी के रूप में देखने की गलती करते हैं। इंटरनेट पर मिली जानकारी के मुताबिक यह बीमारी हार्मोन जनित है। जिसकी वजह से शरीर के पाचन तंत्र और श्वसन तंत्र में कुछ ट्यूमरस गांठें बनने लगतीं हैं। जहां तक चिकित्सकीय शोधकार्ताओं का मानना है कि इन ट्यूमरों से भी एक विशेष तरह का हार्मोन रिलीज होता है जो रक्त के मिलकर मरीज को अधिक बीमार करता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में इनका प्रभाव पचानतंत्र पर ही होता है।