1. हिन्दी समाचार
  2. जानियें पितृ दोष के संकेत, भूल कर भी नहीं करना चाहिए ये काम

जानियें पितृ दोष के संकेत, भूल कर भी नहीं करना चाहिए ये काम

Know The Signs Of Pitra Dosh This Work Should Not Be Done By Mistake

By आराधना शर्मा 
Updated Date

हिन्दू धर्म में श्राद की व्यवस्था इसलिए की गयी थी, ताकि मनुष्य साल में एक बार अपने पूर्वज और पितरों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर सके। लेकिन फिर भी मान्यताओं के अनुसार किसी न किसी व्यक्ति में पितृ दोष पाया जाता हैं। कहा जाता हैं कि कुंडली के अनुसार व्यक्तियों में पाए जाने वाले पितृ दोष को दूर करने के लिए पुरे साल भर का यह समय यानि पितृ पक्ष सब से उपयुक्त माना जाता हैं।

पढ़ें :- अब बलरामपुर में हाथरस जैसी हैवानियत, दलित छात्रा से गैंगरेप, कमर और पैर तोड़े, पीड़िता की मौत

ऐसी मान्यता हैं कि माह के इन 16 दिनों में आप के द्वारा किये गए कर्मों के आधार पर ही आप पर लगे पितृ दोष से आप को निजात पाना संभव हो पाता हैं। धर्म के अनुसार पितरों की मृत्यु तिथि पर ही पितृ तर्पण और श्राद करना चाहियें और यदि अपनी पितरों की मृत्यु तिथि के बारे में जानकारी न हो या किसी कारणवश उस तिथि में श्राद न हो पाया हो तो अमावश्या की तिथि तर्पण और श्राद तो अवश्य करना चाहिए।

पितृ दोष के संकेत

हिन्दू धर्म ग्रंथों की मान्यताओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति अपने पितरों का तर्पण और श्राद नही करता हैं, उसे अपने जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। ऐसे व्यक्तियों के यहां अक्सर देखा गया हैं कि वह लोग संतान दोष से ग्रसित होते हैं।

संतान दोष से तात्पर्य यह हैं कि ऐसे लोगों क घर या तो संताने नही होती हैं या बहुत समय बाद होती हैं और यदि संताने हो भी गयी तो किसी न किसी दोष से ग्रसित होती हैं और कभी कभी तो लम्बे समय तक जीवित भी नही रह पाती हैं।

पढ़ें :- लखनऊ के लिए एक और बुरी खबर, पूरे देश का बन गया सबसे प्रदूषित शहर

पितर पक्ष में अपने पितरों का श्राद और तर्पण न करने वाले लोगों के यहाँ अक्सर कोई न कोई समस्या विद्यमान रहती हैं। अक्सर देखा गया हैं कि ऐसे व्यक्तियों के यहाँ धन के आभाव बना रहता हैं या किसी न किसी रूप में उनके धन की हानि होती रहती हैं।

यदि कोई व्यक्ति शादी-शुदा हैं, तो उसके दाम्पत्य जीवन में परेशानी लगी रहती हैं और घर परिवार में किसी न किसी वजह से झगड़े होते रहते हैं।  ऐसे माहौल में अशांति के कारण जीवन धुभर हो जाता हैं।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...