जाने पहले महीने GST के तहत राजस्व खजाने को क्या मिला..

जाने पहले महीने GST के तहत राजस्व खजाने को क्या मिला..

नई दिल्ली। 1 जुलाई 2017 से देश की आम जनता पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) के रूप में एक नई टैक्स व्यवस्था लागू की गई। जीएसटी को देश के सबसे बड़े टैक्स सुधार के रूप में देखा जा रहा है। जिसे केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा बसूले जाने वाले करीब एक दर्जन से ज्यादा करों के स्थान पर लांच किया गया। जीएसटी के लागू होने के बाद सरकार को पहले महीने में हुए टैक्स कलेक्शन के आंशिक आंकड़े सामने आए हैं। जिन्हें देखने के बाद सरकारी अधिकारी जीएसटी की सफलता को लेकर विश्वस्त नजर आ रही है।

एक अंग्रजी समाचार वेबसाइट द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई माह के भरे गए जीएसटी रिटर्न से सरकार को 42000 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। जिसे आं​शिक कर संग्रह के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों की माने तो अब तक जीएसटी के तहत समायोजित हुए 50 लाख पुराने और 15 लाख नए कारोबारी रजिस्टर हो चुके हैं। जिसके सापेक्ष केवल 10 लाख कारोबारियों ने ही रिटर्न दाखिल किया है। अधिकारियों के मुताबिक जुलाई के लिए जीएसटी रिटर्न की आखिरी तारीख को वेबसाइट बंद हो जाने के कारण लाखों कारोबारी अपना रिर्टन दाखिल नहीं कर पाए। जिसके बाद​ वित्त मंत्रालय ने अंतिम तारीख को बढ़ाकर 25 अगस्त कर दिया है। उम्मीद है कि आखिरी दिन तक करीब 10 लाख नए रिर्टन दाखिल होंगे।

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एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार मान रही है कि आने वाले दो से तीन महीनों में हर महीने जीएसटी रिर्टन दाखिल करने वाले कारोबारियों की संख्या में बढ़ोत्तरी दर्ज की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि कारोबारी अभी जीएसटी को लेकर उतने व्यवहारिक नहीं हैं और सरकार ने पुराने स्टॉक को क्लियर करने के लिए कारोबारियों को कुछ समय की छूट भी दे रखी है। जैसे—जैसे लोग जीएसटी के तहत रिटर्न भरने लगेंगे और इस प्रक्रिया में संभावित त्रुटियां और सावधानियां उनकी समझ में आ जाएंगी तो उन्हें रिर्टन दाखिल करने में कोई समस्या नहीं आएगी।

सामने आए राजस्व के आंकड़ों के मुताबिक जीएसटी के तहत जमा हुए राजस्व में 15000 करोड़ का राजस्व आईजीएसटी (IGST) से, 5000 करोड़ का राजस्व मंहगी गाड़ियों और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर लगने वाले सेस से जमा हुआ है। जबकि शेष 22000 करोड़ का राजस्व जीएसटी के तहत जमा हुआ है जिसे केन्द्र व राज्य सरकारों के बीच बराबर बांटा जाएगा।

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एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि केवल 10 लाख लोगों ने जीएसटी रिटर्न दाखिल किया है जबकि 20 लाख लोगों ने रिटर्न के लिए जीएसटी वेबसाइट पर लॉगइन किया है और अपने रिटर्न सेव किए हैं। उम्मीद है कि ये लोग 25 अगस्त तक अपना रिर्टन दाखिल करेंगे। इस तारीख के बाद भी जो लोग रह जाएंगे वे 100 रुपए प्रति दिन के जुर्माने के हिसाब से अपना रिर्टन दाखिल कर सकेंगे। जुर्माने की अधिकतम सीमा 5000 रुपए निर्धारित है।

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