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जानें क्या है Pegasus फोन हैकिंग विवाद, जिस पर विपक्ष है आग बबूला

अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा बीते दिनों जारी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Pegasus स्पाइवेयर द्वारा भारत में कई पत्रकारों, नेताओं और अन्य सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों का फोन हैक किए गए हैं। दावा है कि ये फोन सरकार ने हैक करवाया  है, हालांकि केंद्र ने इन आरोपों को नकार दिया है। अब जानें क्या है ये पूरा मामला और किस पक्ष ने क्या बात कही है?

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा बीते दिनों जारी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Pegasus स्पाइवेयर द्वारा भारत में कई पत्रकारों, नेताओं और अन्य सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों का फोन हैक किए गए हैं। दावा है कि ये फोन सरकार ने हैक करवाया  है, हालांकि केंद्र ने इन आरोपों को नकार दिया है। अब जानें क्या है ये पूरा मामला और किस पक्ष ने क्या बात कही है?

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क्या फोन हैकिंग का पूरा मामला?

अंतरराष्ट्रीय मीडिया में रविवार रात एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि इज़रायल सॉफ्टवेयर Pegasus की मदद से भारत के करीब 300 लोगों के फोन हैक किए गए हैं। इनमें पत्रकार, मंत्री, नेता, बिजनेसमैन और अन्य सार्वजनिक जीवन से जुड़े हुए लोग शामिल हैं। ये रिपोर्ट वाशिंगटन पोस्ट समेत दुनिया की करीब 16 मीडिया कंपनियों ने पब्लिश की है।

रिपोर्ट की पहली कड़ी में भारत के करीब 40 पत्रकारों का नाम शामिल है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2018 से 2019 के बीच अलग-अलग मौकों पर इन सभी पत्रकारों के फोन हैक किए गए या हैक करने की कोशिश की गई है। इस दौरान व्हाट्सएप कॉल, फोन कॉल, रिकॉर्डिंग, लोकेशन समेत अन्य कई जानकारियां ली गई हैं। खुलासा करने वाली कंपनियों के मुताबिक, इस रिपोर्ट की अलग-अलग कड़ियां पेश की जाएंगी। जिसकी शुरुआत रविवार रात से की गई है। आने वाले कड़ियों में नेताओं, मंत्रियों और अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के नाम हो सकते हैं।

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सरकार ने दी है ये सफाई

भारतीय समयानुसार रात करीब साढ़े नौ बजे ये रिपोर्ट सामने आई। इसके तुरंत बाद केंद्र सरकार ने इस मसले पर जवाब दिया गया है। मोदी सरकार ने फोन हैकिंग के आरोपों और इससे जुड़ी रिपोर्ट को खारिज करते हुए भारतीय लोकतंत्र की छवि धूमिल करने की कोशिश बताया है।

केंद्र सरकार ने कहा कि भारत जैसे लोकतंत्र में प्राइवेसी एक मौलिक अधिकार है। ऐसे में जो रिपोर्ट सामने आई है वह पूरी तरह से गलत है। रिपोर्ट को अपने अनुसार तैयार किया गया जिसमें जांचकर्ता-ज्यूरी सब वह खुद ही हैं। सरकार ने संसद में भी इस बारे में सफाई दी है कि ऐसी किसी भी तरह की गतिविधि में भारत सरकार संलिप्त नहीं है।

जानें सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी ने क्या कहा?

Pegasus स्पाइवेयर एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो व्हाट्सएप जैसे एप समेत फोन में अन्य एप्लिकेशन को हैक कर सकता है। ये सॉफ्टवेयर इज़रायली कंपनी NSO Group द्वारा डेवलेप किया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ग्रुप ने अपनी सफाई दी है। कंपनी के मुताबिक, मीडिया रिपोर्ट्स में जो आरोप लगाए गए हैं और जिन मुद्दों की बात की गई है। वह पूरी तरह से गलत है।

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ग्रुप ने कहा कि वह इस रिपोर्ट को छापने वालों के खिलाफ मानहानि का केस दायर करने की तैयारी में हैं, क्योंकि जिन सूत्रों के आधार पर ये रिपोर्ट छापी गई है। ऐसा लगता है कि उन्होंने पूरी तरह से मनगढ़ंत जानकारी सौंप दी है। कंपनी का कहना है कि वह सिर्फ चिन्हित देशों की कानूनी एजेंसियों के ये सुविधा उपलब्ध करवाती है, जिसका मकसद किसी की जान बचाना होता है।

विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा

वहीं इस खुलासे के बाद विपक्ष आगबबूला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है, जबकि राजद, टीएमसी समेत अन्य पार्टियों द्वारा इस मसले पर संसद में नोटिस दिया है। संसद के मॉनसून सत्र से ठीक पहले हुए इस खुलासे की गूंज संसद के दोनों सदनों में गूंज सकती है।

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