14 मार्च से लग रहा होलाष्टक, इन 8 दिनों में भूल से भी न करें ये काम

14 मार्च से लग रहा होलाष्टक, इन 8 दिनों में भूल से भी न करें ये काम
14 मार्च से लग रहा होलाष्टक, इन 8 दिनों में भूल से भी न करें ये काम

नई दिल्ली। हिंदू धर्म की माने तो होली के कुछ दिन पहले के दिनों को अशुभ माना जाता है और होली के पहले के इन 8 दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। इस बार यानि होलाष्टक 2019 की शुरूआत 13 मार्च से हो जाएगी और 20 मार्च तक रहेगी। होलाष्टक होलिका दहन के साथ समाप्त  हो जाता है। होलाष्टक के इस अशुभ समय में किसी भी तरह के शुभ कार्य को मनाही होती है माना जाताहाई कि इन दिनों में कोई भी शुभ कार्य करने से वह सफल नहीं होता।

Know What Not To Do During Holashtak :

इसलिए होलाष्टक को माना जाता है अशुभ 


हिंदू धर्म के अनुसार, राजा हिरण्यकश्यप ने नारायण भक्ती में लीन प्रह्लाद की भक्ती को देखकर क्रोधित हो गए और होली से पहले 8 दिनों तक प्रह्लाद को कई तरह के कष्ट दिए गए। यही वजह है कि इन 8 दिनों को हिंदू धर्म में अशुभ माना जाता है।

क्या करें और क्या ना करें 


भगवान की कृपा पाने के लिए होलाष्टक पर व्रत करना बताया गया है।

अगर वह नहीं कर सकते तो अपनी इच्छा के अनुसार दान करें, इसमें वस्त्र या अनाज या धन भी दे सकते हैं।

अशुभ समय में शादी, गृह प्रवेश, निर्माण, नामकरण आदि शुभ कार्यों को भूलकर भी न करें।

साथ ही किसी भी तरह के नए कार्यों को शुरू न करें।

इस समय में विवाह, गृह प्रवेश, निर्माण, नामकरण आदि शुभ कार्य वर्जित होते हैं।

नया काम भी नहीं शुरू करना चाहिए।  

ज्योतिष अनुसार इन दिनों में जो कार्य किए जाते हैं उनसे कष्ट, पीड़ा आती है।

विवाह आदि किए जाए तो भविष्‍य में संबंध विच्छेद, कलह का शिकार होते हैं।

इन 8 दिनों ग्रह अपने स्थान में बदलाव करते हैं। इसी वजह से ग्रहों के चलते होलाष्टक समय में किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है।

इस दौरान शुभ कार्य करने से व्यक्ति के जीवन में कष्ट, पीड़ा का प्रवेश होता है।

इस समय अगर विवाह कर लिया जाए तो भविष्य में कलह का शिकार या संबंधों में टूट पड़ सकती है।

नई दिल्ली। हिंदू धर्म की माने तो होली के कुछ दिन पहले के दिनों को अशुभ माना जाता है और होली के पहले के इन 8 दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। इस बार यानि होलाष्टक 2019 की शुरूआत 13 मार्च से हो जाएगी और 20 मार्च तक रहेगी। होलाष्टक होलिका दहन के साथ समाप्त  हो जाता है। होलाष्टक के इस अशुभ समय में किसी भी तरह के शुभ कार्य को मनाही होती है माना जाताहाई कि इन दिनों में कोई भी शुभ कार्य करने से वह सफल नहीं होता।

इसलिए होलाष्टक को माना जाता है अशुभ 


हिंदू धर्म के अनुसार, राजा हिरण्यकश्यप ने नारायण भक्ती में लीन प्रह्लाद की भक्ती को देखकर क्रोधित हो गए और होली से पहले 8 दिनों तक प्रह्लाद को कई तरह के कष्ट दिए गए। यही वजह है कि इन 8 दिनों को हिंदू धर्म में अशुभ माना जाता है।

क्या करें और क्या ना करें 


भगवान की कृपा पाने के लिए होलाष्टक पर व्रत करना बताया गया है।

अगर वह नहीं कर सकते तो अपनी इच्छा के अनुसार दान करें, इसमें वस्त्र या अनाज या धन भी दे सकते हैं।

अशुभ समय में शादी, गृह प्रवेश, निर्माण, नामकरण आदि शुभ कार्यों को भूलकर भी न करें।

साथ ही किसी भी तरह के नए कार्यों को शुरू न करें।

इस समय में विवाह, गृह प्रवेश, निर्माण, नामकरण आदि शुभ कार्य वर्जित होते हैं।

नया काम भी नहीं शुरू करना चाहिए।  

ज्योतिष अनुसार इन दिनों में जो कार्य किए जाते हैं उनसे कष्ट, पीड़ा आती है।

विवाह आदि किए जाए तो भविष्‍य में संबंध विच्छेद, कलह का शिकार होते हैं।

इन 8 दिनों ग्रह अपने स्थान में बदलाव करते हैं। इसी वजह से ग्रहों के चलते होलाष्टक समय में किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है।

इस दौरान शुभ कार्य करने से व्यक्ति के जीवन में कष्ट, पीड़ा का प्रवेश होता है।

इस समय अगर विवाह कर लिया जाए तो भविष्य में कलह का शिकार या संबंधों में टूट पड़ सकती है।