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आखिर क्या है भगवान राम के पग कमलों का रहस्य, जानिए

By आराधना शर्मा 
Updated Date

लखनऊ: आज का दिन बेहद खास है आज 5 अगस्त आज का भारत के लिए बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा हैं। क्योंकि आज के दिन अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का भूमि पूजन होने जा रहा हैं और इसके बाद से ही मंदिर निर्माण का कार्य बड़ी तेजी से चलेगा।

पीएम मोदी दोपहर 12:30 बजे शुभ मुहूर्त के वक्त पीएम मोदी राम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे। राम मंदिर भूमि पूजन का यह दिन भक्तों के लिए बहुत महत्व रखता हैं क्योंकि सभी के मन में राम बसे हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान राम के पग तलवों में कमल, वज्र के चिन्ह थे जिनसे जुड़े किस्से आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि ये कैसे आए।

कमल

आपको बता दें, पूर्व कल्प में गज के पैर को ग्राह ने अपने मुख से पकड लिया। हाथी को खाना चाहता है। दर्द से हाथी कराह उठा।चिल्लाने लगा। अपनी सूंढ में एक कमल पुष्प लेकर भगवान को पुकारने लगा। और बोले हे कमलापति कमलनयन भक्तवत्सल प्रभु हमारी रक्षा कीजिए। भक्त की वेदना भगवान से सही नही गई। भगवान राम नंगे पाँव दौड के गज के पास पहुँच गये। गज को ग्रह से बचाया।

भगवान को समर्पित करने के लिए गज के पास सूँढ मे कमल पुष्प तथा भक्ति ये दो चीजें थी उसने बडे प्रेम से दोनों वस्तुएं प्रभु को अर्पित करदीं। भगवान विष्णु ने ” उस भक्ति रूपी कमल को अपने पाँव के तलवे में स्थापित कर लिया। और गज से बोले :– ये भक्ति रूपी कमल हमारे पाँव के तलवे में अनन्त काल तक रहेगा ।

वज्र

विष्णुजी तपस्या कर रहे थे वहीं एक वृक्ष उग आया जो गुडहल के नाम से जाना गया। उसने विष्णु जी को धूप से बचाने के लिए अपनी छाया विष्णु जी पे करदी। और दस हजार वर्षों तक लगातार विष्णु जी पे पुष्पों की बरसात करता रहा। लेकिन विष्णु जी ने अपने नेत्र नही खोले।

यह देखकर वृक्ष को क्रोध आ गया। अपने पुष्पों को पत्थर रूप में परिवर्तित करके भगवान विष्णु जी पे बरसाने लगा।
अचानक भगवान विष्णु जी के नेत्र खुल गये ।भगवान का सारा शरीर घायल हो गया था।

विष्णु जी ने उसे दंड नही दिया बल्कि उसे बरदान दिया। उसे भक्ती का बरदान देके पत्थर रूपी पुष्पों को अस्त्र में परिवर्तित कर के वज्र बना दिया। और वृक्ष से बोले ये भक्तिरूपी पुष्प वज्र हमारे पाँव के तलवे में तुम्हारी निशानी के रूप में अनन्तकाल तक रहेगी।

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