इन वजहों से नए साल पर घर खरीदना हो सकता है महंगा

अगर आप भी नए साल पर घर खरीदने पर विचार कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए काफी महत्त्वपूर्ण है। इस बार घर खरीदने के लिए आपको ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं, क्योंकि प्राइवेट रियल एस्टेट डेवलपर्स की प्रमुख बॉडी कान्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन (क्रेडाई) ने एस बाक की आशंका जताई है कि उत्पादन की लागत बढ़ने की वजह से प्रोपर्टी की कीमतें बढ़ सकती हैं।

Know Why Buying Home In New Year Will Be Costly :

क्रेडाई चेन्नई के अध्यक्ष सुरेश कृष्ण ने बताया कि, कच्चे माल मसलन रेत जो पहले 35 रुपए घनफुट में उपलब्ध थी, आज उसका दाम 135 रुपए घनफुट पर पहुंच गया है। वहीं सीमेंट के बैग का दाम 270 रुपये से 330 रुपए हो गया है। कच्चे माल की लागत बढ़ने की वजह से संपत्ति कीमतों में बढ़ोतरी तय है।

कच्चे माल की लागत में आई बढ़त की वजह से रीयल एस्टेट डेवलपर्स इस अतिरिक्त उत्पादन लागत का बोझ घर के खरीदारों पर डालेंगे। सुरेश ने आगे कहा कि इस्पात के दाम भी 34,000 रुपए प्रति टन से 47,000 रुपए प्रति टन हो गए हैं। निर्माण की प्रति वर्ग फुट लागत करीब 400 रुपए बढ़ने का अनुमान है।

अगर आप भी नए साल पर घर खरीदने पर विचार कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए काफी महत्त्वपूर्ण है। इस बार घर खरीदने के लिए आपको ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं, क्योंकि प्राइवेट रियल एस्टेट डेवलपर्स की प्रमुख बॉडी कान्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन (क्रेडाई) ने एस बाक की आशंका जताई है कि उत्पादन की लागत बढ़ने की वजह से प्रोपर्टी की कीमतें बढ़ सकती हैं।क्रेडाई चेन्नई के अध्यक्ष सुरेश कृष्ण ने बताया कि, कच्चे माल मसलन रेत जो पहले 35 रुपए घनफुट में उपलब्ध थी, आज उसका दाम 135 रुपए घनफुट पर पहुंच गया है। वहीं सीमेंट के बैग का दाम 270 रुपये से 330 रुपए हो गया है। कच्चे माल की लागत बढ़ने की वजह से संपत्ति कीमतों में बढ़ोतरी तय है।कच्चे माल की लागत में आई बढ़त की वजह से रीयल एस्टेट डेवलपर्स इस अतिरिक्त उत्पादन लागत का बोझ घर के खरीदारों पर डालेंगे। सुरेश ने आगे कहा कि इस्पात के दाम भी 34,000 रुपए प्रति टन से 47,000 रुपए प्रति टन हो गए हैं। निर्माण की प्रति वर्ग फुट लागत करीब 400 रुपए बढ़ने का अनुमान है।