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जानिए आखिर क्यों श्री कृष्ण ने दिया था अपने ही बेटे को कोढ़ी होने का श्राप

By आराधना शर्मा 
Updated Date

लखनऊ: आप सभी ने भगवान से जुडी कई कहानियां सुनी और पढ़ी होंगी। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी कहानी जो आने कभी नहीं सुनी होगी।

दरअसल यह कहानी श्री कृष्ण से जुडी है। आपको बता दें, एक बार भगवान कृष्ण ने गुस्से में अपने ही पुत्र सांबा को कोढ़ी होने का श्राप दे दिया था। अब आज हम आपको उसी कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं…

कहानी 

श्रीकृष्ण की कई रानियां थीं, जिनमें से एक जामवंत की पुत्री जामवंती भी थी। कहा जाता है श्रीकृष्ण और जामवंती के विवाह के पीछे भी एक कहानी है। जी दरअसल पुराणों के अनुसार, बहुमूल्य मणि हासिल करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण और जामवंत में 28 दिनों तक युद्ध चला था।

उस समय युद्ध के दौरान जब जामवंत ने कृष्ण के असली रूप को पहचान लिया, तो उन्होंने मणि समेत अपनी पुत्री जामवंती का हाथ भी उन्हें सौंप दिया। वहीं कृष्ण और जामवंती के पुत्र का नाम ही सांबा था। कहा जाता है सांबा इतना सुंदर और आकर्षक था कि कृष्ण की कई पटरानियां भी उसकी सुंदरता के प्रभाव में आ गई थीं।

वहीं सांबा के रूप से प्रभावित होकर एक दिन श्रीकृष्ण की एक रानी ने सांबा की पत्नी का रूप धारण कर उसे आलिंगन में भर लिया, लेकिन ऐसा करते हुए श्रीकृष्ण ने उन दोनों को देख लिया। उसके बाद गुस्सा होकर श्रीकृष्ण ने सांबा को कोढ़ी हो जाने का श्राप दे दिया। अगर पुराणों को माने तो महर्षि कटक ने सांबा को कोढ़ से मुक्ति का उपाय बताते हुए सूर्य देव की उपासना करने को कहा।

12 साल तक की सूर्य देव की कड़ी तपस्या 

उसी के बाद सांबा ने चंद्रभागा नदी के किनारे मित्रवन में सूर्य देव का एक मंदिर बनवाया और 12 सालों तक सूर्य देव की कड़ी तपस्या की। कहा जाता है सूर्य देव ने सांबा की तपस्या से प्रसन्न होकर उसे कोढ़ से मुक्ति पाने के लिए चंद्रभागा नदी में स्नान करने को कहा। दरअसल आज भी चंद्रभागा नदी को कोढ़ ठीक करने वाली नदी के रूप में जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस नदी में स्नान करने वाले व्यक्ति का कोढ़ बहुत जल्द ठीक हो जाता है.

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